Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

मध्य प्रदेश: आगर मालवा में बारिश बनी आफत, पानी भरने के बाद लोग छतों पर रहने को मजबूर

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में हो रही बारिश लोगों के परेशानी का सबब बनी हुई है. तेज बारिश की वजह से सोयत की दोनों नदी कालीसीध और कनठाल उफान पर हैं

मध्य प्रदेश: आगर मालवा में बारिश बनी आफत, पानी भरने के बाद लोग छतों पर रहने को मजबूर

बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं

आगर मालवा:

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में हो रही बारिश लोगों के परेशानी का सबब बनी हुई है. तेज बारिश की वजह से सोयत की दोनों नदी कालीसीध और कनठाल उफान पर हैं, जिसकी वजह से निचली बस्तियों में पानी भर रहा है. प्रशासन ने दुकानों और मकानों को खाली करने की मुनादी करवाई. भारी बारिश की वजह से जगह जगह-जगह हादसों की जानकारियां भी सामने आ रही हैं. आगर मालवा के हाटपुरा मुल्तानी मोहल्ला में एक मकान की दीवार गिर गई. बताया जा रहा है कच्चा मकान काफी पुराना था, रात करीब 11.45 बजे मकान की दीवार गिर गई, इस हादसे में एक वृद्ध दंपत्ति बाल बाल बच गए. 

इस स्टैंडअप कॉमेडियन ने पीएम पर कसा तंज, बोले- कैसे दिन दिखा दिए मोदीजी...

जानकारी के मुताबिक जिस घर की दीवार गिरी, स्थानीय युवाओं ने दरवाजा तोड़कर दंपत्ति को बाहर निकाला. पुलिस कर्मियों ने बुजुर्ग पति पत्नी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया. बारिश की वजह से आगर मालवा में न सिर्फ नदियां उफान पर हैं बल्कि नाले भी उफान पर नजर आ रहे हैं. बस्ती इलाकों में पानी भर जाने से करीब 5 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नाव का सहारा लिया है.    

चुनाव 2019: प्रज्ञा ठाकुर के नाथूराम गोडसे पर दिए बयान को लेकर कांग्रेस का हमला- कहा- 'भाजपाई ही गोडसे के असली वंशज'

बारिश की बढ़ती संभावनाओं के बीच बचाव कार्य मे तेजी लाने के लिए रतलाम से NDRF की टीम रवाना हुई. घरों में पानी भरने के बाद बचने के लिए लोगों ने छतों की ओर रुख किया. राहत की बात ये है कि अब किसी भी तरह की जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है. प्रशासन ने प्रभावितों को शासकीय स्कूलों के अलावा अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही पीने के पानी, दूध, बिस्किट, ब्रेड और भोजन की व्यवस्था की है. जिले के तमाम आला अधिकारी सोयत में राहत बचाव कार्य मे लगा दिए गए है. 

Video: प्राइम टाइम में रवीश कुमार ने बताया, मध्य प्रदेश में पानी बचाने के नाम पर क्या हो रहा है