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मध्य प्रदेश के इंदौर में मौत के बाद चार लोगों को नयी जिंदगी दे गयी विवाहिता

डॉक्टरों ने उनकी हालत पर लगातार निगरानी के बाद कल देर शाम उन्हें दिमागी रूप से मृत घोषित कर दिया.

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मध्य प्रदेश के इंदौर में मौत के बाद चार लोगों को नयी जिंदगी दे गयी विवाहिता

प्रतीकात्मक चित्र

इंदौर: ब्रेन हैमरेज के बाद दिमागी रूप से मृत घोषित 30 वर्षीय विवाहिता के अंगदान से आज यहां चार जरूरतमंद मरीजों को नयी जिंदगी मिलने की राह आसान हो गयी. जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ब्रेन हैमरेज के बाद हर्षिता कुशवाहा (30) का 28 जुलाई से शहर के बॉम्बे हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था. डॉक्टरों ने उनकी हालत पर लगातार निगरानी के बाद कल देर शाम उन्हें दिमागी रूप से मृत घोषित कर दिया.

उन्होंने बताया कि हर्षिता के परिजनों को प्रेरित किया गया, तो वे शोक में डूबे होने के बावजूद अपनी दिवंगत स्वजन के अंगदान के लिये राजी हो गये.

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सरकारी अधिकारी ने बताया विवाहिता के मृत शरीर से निकाले गये दिल को हवाई मार्ग से मुंबई के कोकिला बेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल भेजा गया. उनकी दोनों किडनी और लीवर को इंदौर के ही तीन निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के शरीर में प्रत्यारोपित किया जायेगा. उन्होंने बताया कि इंदौर में पिछले 22 महीने में दिमागी रूप से मृत 26 मरीजों का अंगदान हो चुका है.
VIDEO: अंगदान है जरूरी

इससे मिले दिल, लीवर, किडनी, आँखों और त्वचा के प्रत्यारोपण से मध्यप्रदेश के साथ दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में करीब 160 जरूरमंद मरीजों को नये जीवन की अनमोल सौगात मिली है. (भाषा की रिपोर्ट)


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