Lockdown: रायपुर में पुलिस ने सड़क पर आने-जाने वालों पर डंडे बरसाए, वीडियो वायरल

Coronavirus: महासमुंद जिले में क्वारंटाइन सेंटर को देखने निकले बीजेपी नेता खुद क्वारंटाइन हो गए, 12 नेताओं पर केस भी दर्ज

Lockdown: रायपुर में पुलिस ने सड़क पर आने-जाने वालों पर डंडे बरसाए, वीडियो वायरल

Lockdown: वीडियो में पुलिस कर्मी स्कूटर पर जाते युवक को पीटता हुआ दिखाई दे रहा है.

रायपुर:

Chhattisgarh Lockdown: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लॉकडाउन में पुलिस ने आने-जाने वाले लोगों पर डंडे की बरसात की. पुलिस द्वारा युवक की पिटाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पुलिस युवक को बहुत बेदर्दी से पीट रही है. वीडियो में पुलिस एक अन्य शख्स पर भी डंडों की बरसात करती दिख रही है. 

वीडियो में काली शर्ट पहने हुए जो शख्स दिख रहे हैं वह उरला थाना के टीआई नितिन उपाध्याय हैं. वे इलाके में लॉकडाउन के समय निकलने वाले लोगों पर डंडे बरसा रहे हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

उधर छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बीजेपी नेताओं को क्वारंटाइन सेंटर का जायजा लेना महंगा पड़ गया. बीजेपी अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी समेत 12 पार्टी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. साथ ही प्रशासन ने उन्हें होम क्वारंटाइन में रहने को कहा है.

महासमुंद जिले में क्वारंटाइन सेंटर को देखने निकले बीजेपी नेता खुद क्वारंटाइन हो गए हैं. गांव के कोटवार ने उनकी शिकायत जिला प्रशासन से की. प्रशासन की टीम ने सभी नेताओं का रैपिड कोरोना टेस्ट कराया और सभी को 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन कर दिया. दो पूर्व विधायकों सहित 12 नेताओं पर महामारी अधिनियम की धाराओं 188 और 34 के तहत एफआईआर भी दर्ज की गई है.

रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि जनहित के प्रयास को अपराध का रूप दे रहे हैं. स्पष्ट होता है कि क्वारंटाइन में जो अव्यवस्था फैली है उसको व्यक्त करने का काम विपक्ष का है. कांग्रेस की जिला अध्यक्ष रश्मि चंद्राकर ने कहा कि बदलापुर की राजनीति नहीं शासन की कार्रवाई है. सस्ती लोकप्रियता के चक्कर में गए थे. 

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अफसरों का कहना है कार्रवाई नियमों के तहत हुई है. एडीशनल एसपी मेघा टेम्भूलकर ने कहा कि प्रतिबंधित होता है, रैपिड टेस्ट कराया गया है. होम क्वारंटाइन किया गया है. 12 लोगों पर एफआईआर किया गया है.

सियासत तो हो गई, लेकिन क्वारंटाइन सेंटर में रहने वालों मजदूरों की हालत नहीं बदली, ना ही कोई सुधार का आश्वासन मिला. इन नेताओं की रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन राज्य में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगभग 1000 के करीब पहुंच चुका है. कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा भी बढ़ने लगा है.