NDTV Khabar

मध्य प्रदेश में 15 साल से काबिज है बीजेपी, महागठबंधन के लिए कई दलों की बैठक में हुआ ये फैसला

मध्य प्रदेश में डेढ़ दशक से सत्ता पर काबिज बीजेपी को हटाने के लिए विपक्ष साझा मोर्चा बनाने की तैयारी में जुटा है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
मध्य प्रदेश में 15 साल से काबिज है बीजेपी, महागठबंधन के लिए कई दलों की बैठक में हुआ ये फैसला

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फाइल फोटो.

खास बातें

  1. मध्य प्रदेश की सत्ता में 15 साल से काबिज है बीजेपी
  2. हटाने के लिए विपक्ष ने बनानी शुरू की रणनीति
  3. महागठबंधन की बैठक में कांग्रेस को जोड़ने का लिया गया फैसला
नई दिल्ली:

मध्य प्रदेश में पिछले 15 साल से भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) सत्ता में है. इसमें से करीब 12 साल से शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री हैं. विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर डेढ़ दशक से सत्ता में काबिज बीजेपी को हटाने के लिए अब विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं.  इसी सिलसिले में महागठबंधन की नींव रखने के लिए हुई कई दलों की बैठक में बीजेपी को हटाने का संकल्प लिया गया. मध्यप्रदेश में तीन महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के विरोधी दलों ने लामबंदी शुरू कर दी है. रविवार को राजधानी में आठ दलों ने बैठक कर तय किया कि भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए संपूर्ण विपक्षी एकता के लिए 'महागठबंधन' बनाया जाएगा.

राहुल गांधी पर CM शिवराज का हमला- 70 साल में आप मेड इन अमेठी लिखा पतली पिन का चार्जर भी नहीं बना पाए


इसमें कांग्रेस को भी साथ लिया जाएगा. लोकक्रांति अभियान के संयोजक गोविंद यादव ने बताया कि संवैधानिक लोकतंत्र बचाने और मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव में गैर भाजपा महागठबंधन निर्माण के लिए रविवार को यहां विभिन्न राजनीतिक दलों की बैठक हुई। बैठक में सभी गैर भाजपा दलों ने संवैधानिक लोकतंत्र बचाने के लिए विपक्षी एकता पर सैद्धांतिक सहमति व्यक्त कर प्रदेश से भाजपा सरकार को हटाने का संकल्प लिया. 

मध्‍य प्रदेश में 'राम' की राह पर कांग्रेस, क्या हुआ बीजेपी की 'राम वन गमन पथ' योजना का?

टिप्पणियां

बैठक में लोकतांत्रिक जनता दल, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), बहुजन संघर्ष दल, गोड़वाना गणतंत्र पार्टी और प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी के प्रतिनिधि उपस्थित थे. माकपा व भाकपा ने संपूर्ण विपक्षी एकता के लिए महागठबंधन बनाने पर सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की, लेकिन कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व पूर्ण गठबंधन न कर 'रणनीतिक गठबंधन' का समर्थन किया. बाकी दलों ने संपूर्ण विपक्षी एकता के लिए कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व पूर्ण गठबंधन का भी समर्थन किया. भाजपा विरोधी महागठबंधन बनाने पर सैद्धांतिक सहमति के बाद सभी विपक्षी दलों के बीच सीटों के बंटवारे सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए अगली बैठक 7 अक्टूबर को होगी. (इनपुट- IANS से)

वीडियो-चुनाव आयोग के इम्तिहान में आधे से ज़्यादा अफ़सर हुए फेल 
 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान प्रत्येक संसदीय सीट से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरों, LIVE अपडेट तथा चुनाव कार्यक्रम के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement