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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बताया, आखिर क्यों करवा रहे हैं गौशाला का निर्माण

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा है कि सभी जानते हैं कि गौशालाओं का निर्माण कांग्रेस की एक चुनाव पूर्व योजना थी. 

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बताया, आखिर क्यों करवा रहे हैं गौशाला का निर्माण

कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा कि गौशालाओं का निर्माण कांग्रेस की एक चुनाव पूर्व योजना थी. 

खास बातें

  1. सीएम कमलनाथ ने कहा, गौशाला निर्माण पहले से एजेंडा में था
  2. गायों के साथ बुरे बर्ताव के बाद लिया गया निर्णय
  3. कहा, यह कोई प्रतिस्पर्धी फैसला नहीं है
नई दिल्ली :

गोहत्या के मामले में रासुका लगाने के बाद अपनी ही पार्टी के नेताओं की आलोचना झेल रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा है कि सभी जानते हैं कि गौशालाओं का निर्माण कांग्रेस की एक चुनाव पूर्व योजना थी. मुझे यह समझ में नहीं आता कि मवेशियों के लिए छत का निर्माण प्रतिगामी कैसे हो सकता है. उन्होंने कहा कि शुरुआत में गौशाला का निर्माण हमारे घोषणा-पत्र का हिस्सा नहीं था, लेकिन बाद में इसे शामिल किया गया. एक रैली में मैंने देखा कि कैसे गायों के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है. मेरे लिए यह परेशान करने वाला दृश्य था और इसलिए मैंने अपने घोषणा-पत्र के जारी होने के तीन महीने पहले इसकी घोषणा की. हाल ही में मध्य प्रदेश की गद्दी संभालने वाले कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा, यह कोई चुनाव पूर्व की योजना नहीं थी, क्योंकि एक पार्टी के नाते हम मवेशी राजनीति में विश्वास नहीं करते हैं. एक देश में जहां गायों को इतना ज्यादा सम्मान दिया जाता है, मैं उनकी रक्षा करने में विश्वास करता हूं और सभी पंचायतों में गौशाला का निर्माण करना महत्वपूर्ण है. 

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मुख्यमंत्री कमलनाथ  (Kamal Nath)ने कहा, यह न तो कोई चुनाव-पूर्व की योजना थी और न कोई प्रतिस्पर्धी योजना ही है. अब, चार महीनों में हम मध्यप्रदेश के विभिन्न गांवों में एक हजार गौशालाओं का निर्माण करने जा रहे हैं, जहां अनाथ गायों की देखभाल की जाएगी.  इसमें छत, चापाकल, बायोगैस संयंत्र आदि सुविधाएं होंगी. गौशालाओं का मॉडल इस तरह से डिजाइन किया गया है कि समाज, किसान और आम आदमी गौशाला को चलाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे. इससे जनभागीदारी बढ़ेगी और यह मॉडल अधिक विश्वसनीय बनेगा। शहरी विकास विभाग इस परियोजना का नोडल विभाग होगा. आपको बता दें कि  कमलनाथ सरकार की ओर से गोहत्या (Cow Slaughter) और गायों की अवैध तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई से खुद कांग्रेक के कई नेता संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गोहत्या (गौहत्या) के आरोप में तीन लोगों और आगर मालवा में गौ वंश की अवैध तस्करी के आरोप में दो लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत की गई कार्रवाई पर दिग्विजय सिंह के बाद अब पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने भी सवाल खड़े कर दिये हैं. 

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कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने गोहत्या के मामले में तीन लोगों की रासुका के तरह गिरफ्तारी को गलत करार दिया है और कहा कि इसे मध्य प्रदेश सरकार के सामने उठाया गया. कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा कि 'मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियनम (NSA) का इस्तेमाल गलत था. इसे मध्य प्रदेश सरकार के सामने उठाया गया है. इसलिए अगर कोई गलती हुई है तो इस गलती को नेतृत्व की ओर से भी उठाया गया है.' इससे पहले इस मामले में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा है कि गौवध (गोहत्या) पर रासुका नहीं लगनी चाहिए. खंडवा में पिछले दिनों तीन लोगों पर हुई रासुका की कार्रवाई को लेकर दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा, 'आरोपियों पर गौ हत्या के लिए बने कानून के तहत कार्रवाई की जाना चाहिए थी, रासुका नहीं लगनी चाहिए थी." (इनपुट- IANS)

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