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मध्य प्रदेश : बीजेपी के 'साइबर वारियर्स' बनाम कांग्रेस के 'राजीव के सिपाही', पहली बार होगा ऐसा चुनाव

दोनों ही पार्टियों ने फेसबुक, ट्विटर के जरिये वोटर तक पहुंचने की पूरी योजना बना चुके हैं. इसमें वाट्सएप को लेकर ज्यादा जोर दिया जा रहा है.

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मध्य प्रदेश : बीजेपी के 'साइबर वारियर्स' बनाम कांग्रेस के 'राजीव के सिपाही', पहली बार होगा ऐसा चुनाव

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव का ऐलान इस साल के आखिरी में हो सकता है

खास बातें

  1. सोशल मीडिया बनेगा इस बार अखाड़ा
  2. दोनों ही पार्टियों की टीमें तैयार
  3. वाट्सएप होगा मुख्य हथियार
भोपाल:

ऐसा लग रहा है कि इस बार मध्य प्रदेश का विधानसभा चुनाव बाकी चुनावों से अलग होने वाला है. एक जमाना था जब पार्टियां प्रचार के लिये घर-घर जाती थीं और अपने कार्यक्रमों के बारे में जनता से सीधे संवाद करती थीं लेकिन सोशल मीडिया के जमाने में अब यह कवायद बीती बात हो गई. बीजेपी ने मध्य प्रदेश में प्रचार के लिये 65,000 'साइबर वारियर्स' तैयार किये हैं जो युवा मतदाताओं को लुभाएंगे. अभी इस टीम में 5 हजार लोगों को और जोड़ने की तैयारी है. कांग्रेस भी सोशल मीडिया के मैदान में पीछे नहीं है. उसने भी बीजेपी के इन साइबर वरियर्स से निपटने के लिये 4 हजार लोगों की एक टीम तैयार की है. इनका नाम 'राजीव के सिपाही रखा गया है'. पार्टी के आईटी सेल के इंचार्ज धर्मेन्द्र बाजपेई ने बताया कि इस टीम में 5 हजार लोगों को और जोड़ा जाएगा. वहीं बीजेपी नेताओं ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि जब पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह जबलपुर आये थे तो उन्होंने इन साइबर वारियर्स को सोशल मीडिया के मैदान में कांग्रेस से निपटने के गुर सिखाए थे. 

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दोनों ही पार्टियों ने फेसबुक, ट्विटर के जरिये वोटर तक पहुंचने की पूरी योजना बना चुके हैं. इसमें वाट्सएप को लेकर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. कांग्रेस के आईटी सेल के इंचार्ज बाजपेयी ने कहा कि चुनाव के दौरान वाट्सएप सबसे बड़ा हथियार साबित होने जा रहा है और 25 जून से इसके लिये ट्रेनिंग भी शुरू हो जाएगी.  वहीं बीजेपी की आईटी सेल ने तो काम करना भी शुरू कर दिया है. पिछले दिनों हुये 10 दिन के लिये 'गांव बंद' आंदोलन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का खूब फैलाया. बीजेपी के आईटी सेल के हेड शिवराज सिंह डाबी ने भी कहा कि वाट्सएप हमनी दोगुना एक्टिव रहेंगे और कांग्रेस के किसान आंदोलन से हमने आसानी से निपटा है. 

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वहीं बीजेपी के इस दावे को खारिज करते हुये धर्मेंन्द्र बाजपेयी ने कहा कि 'राहुल विद फॉरमर्स' 23 घंटे तक ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा है. इससे इसकी सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है. इस हैशटैग पर 1.25 लाख लोगों ने रिस्पांस दिया है.  आपको बता दें कि हाल ही में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बनाये गये कमलनाथ के ट्विटर पर 85 हजार फॉलोवर्स हैं वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के 47 लाख फॉलोवर्स हैं. राज्य में  ट्विटर पर बीजेपी के 2.8 लाख फॉलोवर्स हैं तो वहीं फेसबुक पर 2.5 फॉलोवर्स हैं. जबकि कांग्रेस के दोनों ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बीजेपी से आधे फॉलोवर्स हैं.
 



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