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मध्यप्रदेश : हजारों स्कूलों में टीचर नहीं, इन्हें लगा दिया विधायक जी की सेवा में

कई विधायकों के क्लर्क के काम करने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई, राज्य के 4562 स्कूलों में नियमित टीचर नहीं

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मध्यप्रदेश : हजारों स्कूलों में टीचर नहीं, इन्हें लगा दिया विधायक जी की सेवा में

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. शिक्षा मंत्री बोले- लाखों की संख्या में शिक्षक, 10-5 का इतना मायने नहीं
  2. प्रदेश में शिक्षकों के कुल 71 हजार पद खाली, 18000 स्कूलों में टीचर नहीं
  3. सेवाएं ले रहे विधायकों ने पूर्व में रही बीजेपी सरकार को दोषी ठहराया
भोपाल:

शिक्षकों की कमी से जूझ रहे मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब विधायक जी की ड्यूटी बजा रहे हैं. शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सरकारी टीचरों को गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए नियुक्त किया जाना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद कई विधायकों को लिपिकीय कार्यों के लिए शिक्षकों की सेवाओं की सहुलियत दी गई है. बड़वारा कटनी से विधायक विजय राघवेन्द्र सिंह, सरदारपुर धार से विधायक प्रताप ग्रेवाल, दोनों कांग्रेस विधायक हैं. दोनों के पास टाइपिंग जैसे काम के लिए शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है. वैसे सरकारी आदेश कहता है कि पढ़ाने-लिखाने के अलावा शिक्षकों से और कोई काम नहीं लिया जा सकता.

सवाल पूछा तो नेताजी बीजेपी राज के बारे में बताने लगे. विजय राघवेन्द्र सिंह ने कहा पिछली सरकार ने भर्ती तो की नहीं, दिग्विजय सिंह जी ने की थी. टीचरों की कमी है, जो 15 साल से अपने परिवार से दूर थे, उनका ट्रांसफर हुआ है. वहीं सरदारपुर से विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा टीचरों की कमी हमें विरासत में मिली है, कमलनाथ जी की सरकार है कोशिश है कि उसे पूरा करें.
      
अब शिक्षकों को अपने साथ जोड़कर नेताजी कमी कैसे पूरी करेंगे ये तो वे ही जानें, बहरहाल सेवा में लगे टीचर कहते हैं कि सरकार जो कहेगी, करेंगे. रघुराज सिंह विजय राघवेन्द्र सिंह के साथ जुड़े हैं. वे कहते हैं हमसे सहमति मांगी गई थी, सरकार जो कहेगी करेंगे.


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ऐसे एक-दो नहीं 10 से ज्यादा विधायक हैं. स्कूली शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी कहते हैं 'आदेश सामान्य प्रशासन विभाग का है. वह जीएडी की व्यवस्था है. हम अपनी तरफ से नहीं लगा रहे हैं. लाखों की संख्या में शिक्षक हैं, 10-5 इतना मायने नहीं रखता है.'  
   
यह हालात तब हैं जब मध्यप्रदेश में एक लाख 15 हजार 503 सरकारी स्कूल हैं. इनमें 81 हजार 335 प्राथमिक, 30 हजार 308 माध्यमिक व 3863 हाईस्कूल हैं. इनमें सीनियर सेकेंडरी में 30 हज़ार शिक्षक, हायर सेकेंडरी में 22 हजार और प्राथमिक शिक्षकों के 19 हजार से अधिक पद खाली हैं. राज्य सरकार के चार हजार 562 स्कूल बिना किसी नियमित टीचर के चल रहे हैं.

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बीजेपी का आरोप है सरकार की प्राथमिकता में शिक्षा नहीं है. पूर्व सहकारिता मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता विश्वास सारंग ने कहा 'एक तरफ कांग्रेस कहती है आरटीई पर काम कर रहे हैं, स्कूल चलो अभियान के बड़े विज्ञापन छपते हैं, दूसरी तरफ 18000 स्कूलों में टीचर नहीं हैं, बावजूद इसके शिक्षकों की नियुक्ति को विधायक के स्टाफ में करना, यह सरकार का दृष्टिकोण दिखाता है.'

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