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मध्य प्रदेश : सिक्कों में फीस लेने से बैंक ने किया इंकार, दूसरी क्लास की छात्रा को स्कूल ने एग्जाम देने से रोका

एसडीएम दफ्तर में साइकिल मरम्मत की दुकान चलाने वाले ठाकुर सिंह रघुवंशी फरियाद लेकर पहुंचे और बताया दूसरी में पढ़ने वाली बिटिया की फीस एक निजी बैंक में जमा कराने पहुंचे. बैंक ने सिक्कों में फीस लेने से इंकार कर दिया. फीस नहीं मिली तो स्कूल ने बिटिया को परीक्षा देने से रोक दिया.

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मध्य प्रदेश : सिक्कों में फीस लेने से बैंक ने किया इंकार, दूसरी क्लास की छात्रा को स्कूल ने एग्जाम देने से रोका

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. मध्य प्रदेश में विदिशा की तहसील गंजबासौदा की घटना
  2. बैंक ने सिक्कों में फीस लेने से मना कर दिया
  3. स्कूल ने एग्जाम देने से मना कर दिया
विदिशा:

मध्य प्रदेश में विदिशा की तहसील गंजबासौदा मे बैंक और स्कूल प्रबंधन की मनमानी के चलते एक स्कूल की छात्रा का भविष्य दांव पर लग गया. आरोप है कि पिता ने बच्ची की फीस सिक्कों में चुकानी चाही लेकिन बैंक ने लेने से मना कर दिया. एसडीएम दफ्तर में साइकिल मरम्मत की दुकान चलाने वाले ठाकुर सिंह रघुवंशी फरियाद लेकर पहुंचे और बताया दूसरी में पढ़ने वाली बिटिया की फीस एक निजी बैंक में जमा कराने पहुंचे. बैंक ने सिक्कों में फीस लेने से इंकार कर दिया. फीस नहीं मिली तो स्कूल ने बिटिया को परीक्षा देने से रोक दिया.

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बेटी तेजस्वी रघुवंशी ने बताया, मैं क्लास 2 में पढ़ती हूं. मुझे जमीन पर बिठाया गया और परीक्षा नहीं देने दी क्योंकि मेरे पास चिल्लर (खुल्ले पैसे) थे और बैंक ने जमा करने से मना कर दिया था.  पिता ठाकुर सिंह रघुवंशी ने कहा, मैं बैंक गया था सिक्के लेकर. मेरी साइकिल की दुकान है और दुकान में सिक्के ही आते हैं जिसे बैंक ने जमा करने से मना कर दिया. कहा कि आप हजार पांच सौ के रुपये दो. स्कूल ने पेपर नहीं देने दिया.

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एसडीएम का कहना है दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी. वहीं स्कूल कह रहा है कि बच्ची का साल बर्बाद नहीं होने देंगे. एसडीएम सीपी गोहल ने कहा कि बच्ची के अभिवावक मेरे पास आये थे. मैंने बीआरसी को कह दिया है कि जांच के बाद पता चलेगा कि फीस के कारण उसे परीक्षा नहीं देने दी तो हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे. ब्रदर एंथोनी के प्राचार्य ने कहा कि मैंने 12 तारीख को बीईओ से कहा था कि हम स्टाफ को तनख्वाह देते हैं. हमारे पास उनके वेतन को पैसा नहीं था इसलिए हमने पेरेंट्स से फीस जमा करने की बात कही. फीस के चलते बच्चा फेल नहीं होगा. बच्ची का भविष्य बरबाद नहीं होने देंगे.
 



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