NDTV Khabar

मध्यप्रदेश : ग्वालियर के समीप झरने में अचानक बाढ़ आने से 12 लोग बहे, बाढ़ में फंसे 30 में से सात को बचाया

स्वतंत्रता दिवस पर शिवपुरी और ग्वालियर जिले के सीमा क्षेत्र मोहना में सुल्तानगढ़ पोल पर पिकनिक मनाने पहुंचे थे लोग

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
मध्यप्रदेश : ग्वालियर के समीप झरने में अचानक बाढ़ आने से 12 लोग बहे, बाढ़ में फंसे 30 में से सात को बचाया

छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ में नदी के बीच में सेल्फी लेने के लिए गया एक युवक और दो युवतियां बढ़ में फंस गए.

खास बातें

  1. 30 लोग चट्टानों पर फंसे हैं, लगातार बढ़ता जा रहा है जलस्तर
  2. कुछ लोगों ने खतरा भांपकर तेजी से किनारे जाकर जान बचाई
  3. पुलिस बल मौके पर पहुंचा, बचाव कार्य के लिए बनाई जा रही योजना
भोपाल: मध्यप्रदेश के शिवपुरी और ग्वालियर जिले के सीमा क्षेत्र मोहना में स्थित सुल्तानगढ़ पोल पर पिकनिक मनाने आए 12 लोग अचानक पानी बढ़ने से 100 फीट ऊंचाई से नीचे गिरे और बह गए. यह घटना बुधवार को शाम करीब चार बजे हुई.

बताया जाता है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर अवकाश होने के कारण सुल्तानगढ़ पोल पर बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने एवं प्राकृतिक झरने में नहाने गए थे. इसी दौरान शाम चार बजे के आसपास अचानक झरने में पानी का प्रवाह तेज हो गया. इस बीच वहां करीब 20 लोग नहा रहे थे. उनमें से कुछ लोग खतरा भांपते हुए तेजी दिखाकर किनारे पर चले आए लेकिन 12 लोग पानी में बह गए. वहां करीब 30 लोग पानी में फंस गए.

 पानी के तेज बहाव के बीच चट्टानों पर फंसे लोगों में से सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. पांच लोगों को हेलीकॉप्टर की सहायता से बाहर निकाला गया जबकि दो को स्थानीय लोगों ने निकाला.

शिवपुरी के जिला पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने बताया कि ‘‘झरने में पानी के तेज बहाव में आठ लोग बह गए.’’ उन्होंने कहा कि झरने के तेज बहाव के बीच चट्टानों पर फंसे लोगों को बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पानी के तेज बहाव के बीच चट्टानों पर करीब 45 लोग अब भी फंसे हुए हैं. अंधेरा होने के कारण हेलीकॉप्टर अब उड़ान नहीं भर पा रहा है.

दूसरी तरफ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि झरने में करीब 10 से 12 लोग बहे हैं. अवकाश होने के कारण आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने आए थे. इनमें से कई लोग झरने में नहा रहे थे, तभी झरने में पानी का बहाव तेज हो गया. शायद ऊपरी पहाड़ी इलाके में तेज बारिश होने से झरने में पानी का बहाव अचानक तेज हो गया.

यह भी पढ़ें : बाढ़ में फंसी दुल्हन, जान बचाने के लिए दूल्हे को छोड़ बैठ गई कार के ऊपर, देखें VIDEO

पुलिस सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और बचाव के प्रयास शुरू किए गए. ग्राम पंचायत मोहना के सरपंच ने घटना की सूचना मिलते ही तत्काल अपने स्तर पर कुछ गोताखोरों को बुलाया.
 
f2puver8

सुल्तानगढ़ पोल पर मुख्य रूप से दो चट्टानें हैं, जिनमें से एक बड़ी चट्टान पर कई लोग फंसे हुए हैं. एक अन्य छोटी चट्टान पर एक अकेला व्यक्ति फंसा है. शाम सवा पांच बजे तक यह स्थिति थी कि घटनास्थल पर लगातार बारिश हो रही थी, जिससे जलस्तर लगातार बढ़ रहा था. चट्टानों को पानी छूकर बहने लगा है. जलप्रपात करीब सौ फीट गहरा है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बांध से पानी छोड़े जाने के कारण सुल्तानगढ़ झरने में बाढ़ आ गई. कुछ लोग लापता हो गए और 30 से 40 लोग बाढ़ में फंस गए.
 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सुल्तानगढ़ में बचाव कार्य जारी है. मैं बचाव दल के संपर्क में हूं. सात लोगों को बचा लिया गया है.
 
मौके पर बचाव अभियान जारी है. हैलीकॉप्टर से बाढ़ में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है.  
 
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सुल्तानगढ़ में मौके पर पहुंचे हैं. उन्होंने बचाव कार्य का जायजा लिया.
 



टिप्पणियां
VIDEO : कुत्ते ने बाढ़ में बचाई परिवार की जान

उधर छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ में एक युवक और दो युवतियों की सेल्फ़ी लेने की चाहत आफत बन गई. खंडी नदी में सेल्फ़ी लेने गए एक युवक और दो युवतियां नदी के बीच मे फंस गए. अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वे चट्टानों पर फंस गए. यह स्थल भानुप्रतापपुर के नारायणपुर गांव के पास है. खंडी नदी में बाढ़ आ गई है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement