मध्य प्रदेश में हैवानियत: खुले में शौच के लिए गए दो दलित बच्चों की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित भावखेड़ी गांव में एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. यहां कथित रूप से दो दलित बच्चों की खुले में शौच करने के लिए एक मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.

मध्य प्रदेश में हैवानियत: खुले में शौच के लिए गए दो दलित बच्चों की पीट-पीट कर हत्या

प्रतीकात्मक तस्वीर

मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित भावखेड़ी गांव में एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. यहां कथित रूप से दो दलित बच्चों की खुले में शौच करने के लिए एक मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. 12 साल की रोशनी और 10 साल के अविनाश नाम के बच्चे को गंभीर चोटे आईं, जिसके तुरंत बाद जब उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अविनाश और रोशनी के बीच बुआ भतीजे का रिश्ता है.

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फिलहाल इस मामले में अविनाश के पिता का कहना है कि सुबह करीब 6 बजे बच्चे चाय पीकर शौच के लिए गए थे, इस दौरान सड़क किनारे शौच कर रहे बच्चों को मोटर ऑन करने आए लोगों ने देखा और पीटना शुरू कर दिया. रोशनी के भाई और अविनाश के पिता ने रामेश्वर और आगम का नाम लेते हुए आरोप लगाया. उसने बताया कि कोई पुराना झगड़ा या रंजिश नहीं था.

वहीं स्थानीय पुलिस ने इस मामले में बताया कि जैसे ही खबर आई तो हम लोग घटनास्थल पर पहुंचे और ऐसा बताया गया कि किसी सिरफिरे ने लाठी से दोनों बच्चों को पीटा. जो भी हकीकत है वह जांच के बाद सामने आएगी. शुरुआत में ऐसा मालूम पड़ता है कि सड़क के किनारे शौच के दौरान बच्चों को पीटा गया. आरोपियों को पकड़ने का प्रयास जारी है.

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इस मामले में बसपा प्रमुख मायावती ने घटना की निंदा करते हुये इस घटना पर दुःख व्यक्त किया है. मायावती ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, “देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों को सरकारी सुविधाओं से काफी वंचित रखने के साथ-साथ उन्हें हर प्रकार की द्वेषपूर्ण जुल्म-ज्यादतियों का शिकार भी बनाया जाता रहा है. ऐसे में मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दो दलित बच्चों की नृशंस हत्या अति-दुःखद व अति-निन्दनीय है.” मायावती ने इस तरह की घटनाओं के लिये कांग्रेस और भाजपा की दलित विरोधी सोच को ज़िम्मेदार ठहराया है.

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उन्होंने दोनों दलों से पूछा, “कांग्रेस और भाजपा की सरकार बताये कि गरीब दलितों व पिछड़ों आदि के घरों में शौचालय की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई है?” मायावती ने इस मामले में दोषियों को सख़्त सज़ा दिलाने की मांग करते हुये कहा, “यह सच बहुत ही कड़वा है तो फिर खुले में शौच को मजबूर दलित बच्चों की पीट-पीट कर हत्या करने वालों को फांसी की सजा अवश्य दिलायी जानी चाहिए.”

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