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मध्‍यप्रदेश में मानवता शर्मसार, मोटरसाइकिल पर मां की लाश ढोने को मजबूर हुआ बेटा

मध्य प्रदेश के टिकमगढ़ के एक जिला अस्पताल ने पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए शव वाहन देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बेटे को मजबूरन अपनी मां का मोटरसाइकिल पर ले जाना पड़ा.

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मध्‍यप्रदेश में मानवता शर्मसार, मोटरसाइकिल पर मां की लाश ढोने को मजबूर हुआ बेटा

मध्य प्रदेश के तिकमगढ़ के एक जिला अस्पताल ने पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए शव वाहन देने से इनकार कर दिया

खास बातें

  1. पोस्टमार्टम के लिए शव वाहन देने से इनकार किया
  2. मध्य प्रदेश के टिकमगढ़ का मामला
  3. इस घटना के बाद एडीएम ने जांच के आदेश दिए है
नई दिल्ली: विकास के तमाम दावों के बीच हमारे समाज में समय-समय पर ऐसी हृदयविदारक घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो सरकार के दावों की पोल खोल कर रख देती है. इस बार मध्य प्रदेश के टिकमगढ़ के एक जिला अस्पताल ने पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए शव वाहन देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बेटे को मजबूरन अपनी मां का मोटरसाइकिल पर ले जाना पड़ा. इस घटना के बाद एडीएम ने जांच के आदेश दिए है. 

झारखंड में मोटरसाइकिल पर बेटी की लाश ढोने को मजबूर हुआ था बाप

बताया जा रहा है कि मध्‍य प्रदेश के टिकमगढ़ के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला को एक सांप ने काट लिया था जिसके बाद महिला की मौत हो गई. इसके बाद इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस ने शव को पोस्‍टमार्टम में भेजने की बात कही. 

 
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मीडिया रिपोटर्स के अनुसार, पुलिस खुद महिला के शव को पोस्‍टमार्टम के लिए नहीं ले गई, बल्कि उसके बेटे को कहा कि वह शव को जिला अस्‍पताल ले जाए. इसके बाद मृत महिला के बेटे के शव को पोस्‍टमार्टम ले जाने के लिए सरकारी शव वाहन को कई बार फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद बेटे ने मां के शव को रस्‍सी से सहारे बाइक में बांधकर जिला अस्‍पताल पहुंचा. यह खबर मीडिया में आने के बाद एडीएम ने जांच के आदेश दे दिए हैं. 
 
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यह पहली घटना नहीं है इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं. पिछले साल ऐसी ही मामला झारखंड के गोड्डा जिले के सदर अस्पताल में सामने आया था. यहां एक लाचार बाप अपनी बच्ची की लाश को मोटरसाइकिल पर ढोते हुए दिखाई दिया था. अस्पताल में अपनी बच्ची का इलाज कराने आए पेलगढ़ी गांव पंचायत कुर्मिचक के महादेव साह ने बताया था कि गोड्डा का सदर अस्पताल बदहाली का शिकार है. मांगने पर भी यहां लाश ढोने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती. मजबूरी में बाइक पर ही बच्ची का लाश ढोना पड़ रहा है.

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