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मॉब लिंचिंग: अब मध्‍य प्रदेश में वाट्सऐप पर बच्‍चा चोरी की अफवाह के बाद ली महिला की जान

मॉब लिंचिंग की एक और घटना मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुई है. यहां मोरवा थाना इलाक़े में बच्चा चोरी की अफ़वाह पर भीड़ ने एक महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी.

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मॉब लिंचिंग: अब मध्‍य प्रदेश में वाट्सऐप पर बच्‍चा चोरी की अफवाह के बाद ली महिला की जान

मॉब लिंचिंग की एक और घटना मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुई है

खास बातें

  1. मॉब लिंचिंग की एक और घटना मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुई है
  2. भीड़ ने एक महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी
  3. पुलिस ने मौक़ा-ए-वारदात के पास जंगल से महिला का शव बरामद किया है
भोपाल :

मॉब लिंचिंग की एक और घटना मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुई है. यहां मोरवा थाना इलाक़े में बच्चा चोरी की अफ़वाह पर भीड़ ने एक महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी. शनिवार को वाट्सऐप पर इस महिला को बच्चा चोर बताता हुआ मैसेज सर्कुलेट हुआ, जिसके बाद भीड़ ने महिला की जान ले ली. पुलिस के मुताबिक, महिला की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और वो इस इलाक़े में पिछले छह महीने से इधर-उधर घूमती रहती थी. पुलिस ने मौक़ा-ए-वारदात के पास जंगल से महिला का शव बरामद किया है. इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. आगे की तफ़्तीश के लिए पुलिस ने उस इलाक़े के कुछ लोगों का बयान दर्ज किया है.

पुलिस ने वॉट्सऐप मुहिम चलाई फिर भी अफवाहें नहीं रूकीं. सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी की अफवाह में सिंगरौली जिले के मोरवा में भीड़ ने, लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी से महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसको बांध दिया, 14 लोग लाठी से मार रहे थे फिर स्कूल के पास पानी पिलाया और कुल्हाड़ी से सिर पर मार दिया. उसके बाद उठाकर जंगल में ले गए और नाले में फेंक दिया. 

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महिला की पहचान नहीं हो सकी है. बीते दिनों से वो बगइया, बड़गड़, परसोहर गांवों में दिखी थी. कुछ गांववालों ने खाना देकर उसकी मदद की थी. कुछ ने शक में जान ले ली. मामले में 12 आरोपी गिरफ्तार हैं और 2 फरार हैं. मामले की जांच में जुटे डीएसपी डॉ के एस द्विवेदी ने कहा कि इस प्रकरण में विवेचना के दौरान 2-3 चश्मदीद मिले और उनके बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की गई. पुलिस इस मामले में आरोपी हैं उन्होंने पूछताछ में अपराध कबूला और उसके बाद घटना में प्रयुक्त लाठी, कुल्हाड़ी, पत्थर वो सभी बरामद किये जा चुके हैं, जिन्हें परीक्षण के लिये एफएसएल सागर भिजवाया जाएगा.

बच्चा चोरी की अफवाह केवल मध्य प्रदेश में नहीं महाराष्ट्र, त्रिपुरा, गुजरात, असम, झारखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल में अबतक बच्चा चोरी के नाम पर भीड़ 22 लोगों को मार चुकी है. सिंगरौली में ही पिछले महीने, एक महिला रेंज ऑफिसर और एक फॉरेस्ट गार्ड को बच्चा चोरी का इल्जाम लगाकर भीड़ ने बुरी तरह पीट दिया था, ऐन मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को बचाया. इस मामले में कहा जा रहा है कि महिला का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था हालांकि ऐसी उनमादी भीड़ देखकर तय करना मुश्किल है कि मानसिक संतुलन किसका ठीक था किसका नहीं.

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वाट्सऐप पर बच्‍चा चोरी की अफवाह के बाद एक जुलाई को महाराष्‍ट्र के धुले में भीड़ ने 5 लोगों की पीट-पीटकर हत्‍या कर दी थी. पुलिस ने बताया कि आरोपी का नाम दशरथ पवार था. मामले में अभी तक 26 लोगों की गिरफ्तार किया था. पुलिस ने बताया था कि उन लोगों पर हमला इसलिए हुआ था कि वाट्सऐप  पर इलाके में ऐसे लोगों की मौजूदगी की अफवाह फैल गई थी जो बच्‍चों का उनके अंगों के लिए अपहरण करते हैं.

जून महीने में असम में बच्चा चोरी के आरोप में 2 लोगों को पीट-पीटकर मार डाला गया था. गुवाहटी के रहने वाले 2 लोग की बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने की अफवाह उड़ी. अभिजीत नाथ और निलोत्‍पल दास यहां कुछ दिन की छु‌ट्टियां मनाने आए थे. इन पर बच्चा चोर होने का आरोप लगाकर भीड़ ने इनकी गाड़ी का घेराव कर लिया. जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की तो भीड़ ने पीटपीट कर हत्या कर दी. पुलिस जब तक पहुंचती, भीड़ में शामिल लोग तितर बितर हो चुके थे. इनकी गाड़ी को भी काफी नुकसान पहुंचा है. 

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वहीं 8 मई 2017 को जमशेदपुर के पास दो अलग-अलग जगहों पर बच्चा चोरी के शक में 7 लोगों की भीड़ ने हत्या कर दी थी. अफ़वाहों की शुरुआत कहां से हुई जब पुलिस ने इसकी जांच-पड़ताल शुरू की तो वह लोकल पत्रकार शंकर गुप्ता और सुशील अग्रवाल तक पहुंची. पुलिस का दावा है कि हमले से 7 दिन पहले इस तरह के मैसेज व्हाट्सऐप पर फैलने शुरू हुए.

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