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मध्यप्रदेश : मंत्रियों के रिश्तेदार सरकारी कर्मचारियों से कर रहे बदसलूकी, कई मामले सामने आए

इंदौर में अनाधिकृत होर्डिंग्स हटाने पर मंत्री तुलसी सिलावट के कुछ रिश्तेदारों व समर्थकों ने नगर निगम कर्मचारियों की पिटाई कर दी

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मध्यप्रदेश : मंत्रियों के रिश्तेदार सरकारी कर्मचारियों से कर रहे बदसलूकी, कई मामले सामने आए

खास बातें

  1. मंत्री लाखन सिंह यादव के भतीजे ने अधिकारी से अपशब्द कहे
  2. यादव ने कहा- अधिकारी की भाषा ने मेरे भतीजे को उकसाया था
  3. होशंगाबाद में कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने बुजुर्ग को बाहर निकाला
भोपाल:

मध्यप्रदेश में सत्ता में आने के महज 11 महीने बाद कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के परिजन और समर्थक सरकारी कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करते नज़र आ रहे हैं. पहला मामला राज्य की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में हुआ. वहां इंदौर नगर निगम के कर्मचारी डिप्टी कमिश्नर एमएस चौहान के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक तुलसी सिलावट के जन्मदिन के मौके पर संयोगितागंज क्षेत्र में लगाए गए होर्डिंग्स को हटा रहे थे. जिस वक्त कमलनाथ सरकार के 31 अक्टूबर के फैसले के मुताबिक अनाधिकृत होर्डिंग्स को हटाया जा रहा था कथित तौर पर तुलसी सिलावट के कुछ रिश्तेदार और स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों ने वहां पहुंचकर नगर निगम कर्मचारियों की पिटाई कर दी.
       
स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों ने डिप्टी कमिश्नर एमएस चौहान के साथ दुर्व्यवहार किया वहां मौजूद पत्रकारों और फोटोग्राफरों को भी गाली दी गई. घटना के 24 घंटे के बाद, एक मामला दर्ज किया गया. पुलिस इंस्पेक्टर एनएस रघुवंशी ने कहा कि “विक्की खटीक, कपिल कौशिक, चंदू सिलावट और राहुल सिलावट सहित चार लोगों के खिलाफ बुधवार को धारा 353, 332, 294, 506 और 34 में मामला दर्ज किया गया है. हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.
     
इस घटना ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे के मामले की याद ताज़ा कर दी जब पुलिस ने अधिकारी पर बल्ला भांजने के कुछ घंटों के अंदर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.

दूसरी घटना राज्य के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हुई, जहां पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव के भतीजे और अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के सचिव संजय सिंह यादव ने विजयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जोशुआ पीटर को फोन पर कथित तौर पर अपशब्द कहे. यादव श्योपुर जिले के बेनीपुरा गांव में चेक डैम के निर्माण में हो रही देरी से नाराज़ थे.
     
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ, इसके बाद कित मुद्गल (कथित तौर पर मंत्री के भतीजे के करीबी सहयोगी) ने सीईओ को दो बार फोन किया और उन्हें फोन पर गालियां दीं. कहा कि पिछले सीईओ और इंजीनियर भी जूते से पीटे गए थे. वर्तमान सीईओ को भी नहीं बख्शा जाएगा.


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सीईओ-विजयपुर जनपद पंचायत जोशुआ पीटर ने मंत्री के भतीजे संजय यादव और संजय के समर्थक अंकित मुदगल के खिलाफ श्योपुर जिले की स्थानीय पुलिस को शिकायत दी है. हालांकि, श्योपुर जिले में पुलिस द्वारा अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.
    
पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव से जब NDTV से इस मामले के बारे में पूछा तो उन्होंने अपने भतीजे का बचाव किया. “वो मेरा भतीजा है, ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस का सेक्रेट्री है. यदि उसने ये कह दिया तो ये असंवैधानिक तो नहीं है. मेरे परिवार में कोई इस तरह का व्यवहार कभी नहीं करता. जो क्लिप मैंने सुनी है उसमें संबंधित अधिकारी की भाषा थी जिसने मेरे भतीजे को उकसाया था.''
      
इस मामले में विपक्षी बीजेपी ने सरकार को आड़े हाथों लिया. पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक विश्वास सारंग ने कहा मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि कोई होर्डिग पोस्टर नहीं लगेगा तो सिंधिया गुट के मंत्री ने निर्णय नहीं माना. बड़े-बड़े पोस्टर लगवा दिए, फिर निगम कर्मियों को मारा. बीजेपी के साथ होता है तो एफआईआर हो जाती है. ये निरंकुश सरकार है, गुटीय राजनीति पर चलती है.

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     मंत्री समर्थकों-रिश्तेदारों की त्योरियां तो चढ़ी ही हैं, होशंगाबाद में कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह भी ताव में दिखे, जब उन्होंने जनसुनवाई से एक बुजुर्ग को बाहर निकाल दिया. बुजुर्ग का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने कलेक्टर साहब को कागज़ात दिखाने की गुस्ताखी कर दी.



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