मप्र में प्रवेश से पहले कमजोर पड़ा 'निसर्ग', बारिश का दौर जारी- प्रशासन अलर्ट

अरब सागर से उठा चक्रवात 'निसर्ग' पड़ोसी महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश में प्रवेश से पहले कमजोर पड़कर कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है. बदले मौसमी हालात में संभावना जताई गई है.

मप्र में प्रवेश से पहले कमजोर पड़ा 'निसर्ग', बारिश का दौर जारी- प्रशासन अलर्ट

चक्रवात 'निसर्ग' पड़ोसी महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश में प्रवेश से पहले कमजोर पड़ा.

खास बातें

  • एमपी में प्रवेश से पहले कमजोर पड़कर कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हुआ
  • अरब सागर से उठा चक्रवात 'निसर्ग' पड़ोसी महाराष्ट्र से राज्य की ओर आ रहा है
  • पश्चिमी हिस्से की बजाय दक्षिणी हिस्से से राज्य में दाखिल होगा चक्रवात
इंदौर:

अरब सागर से उठा चक्रवात 'निसर्ग' पड़ोसी महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश में प्रवेश से पहले कमजोर पड़कर कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है. बदले मौसमी हालात में संभावना जताई गई है कि यह मध्यप्रदेश के पश्चिमी हिस्से की बजाय दक्षिणी हिस्से से इस सूबे में गुरुवार शाम दाखिल होगा. हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक सूबे के कई स्थानों में कल बुधवार से ही बारिश शुरू हो चुकी है और यह गुरुवार को भी जारी रहेगी. विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह चंदेल ने बताया, 'पहले हमारा पूर्वानुमान था कि निसर्ग आज सुबह सात बजे से 11 बजे के बीच महाराष्ट्र से खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर के रास्ते मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है. लेकिन अब यह चक्रवात कमजोर पड़कर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है.'

उन्होंने बताया, 'बदले मौसमी हालात में संभावना है कि निसर्ग आज शाम सात बजे के आस-पास बैतूल, छिंदवाड़ा और सिवनी के रास्ते दक्षिणी मध्यप्रदेश में दाखिल हो सकता है.' आने वाले घंटों में इस चक्रवात का बड़ा असर नर्मदापुरम, भोपाल, सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभाग में दिखायी देने का पूर्वानुमान है.'

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि बुधवार सुबह 08:30 बजे से लेकर गुरुवार सुबह 08:30 बजे के बीच सूबे के जिन स्थानों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, उनमें सेगांव (136 मिलीमीटर), खण्डवा (132 मिलीमीटर), सेंधवा (104 मिलीमीटर), निवाली (102 मिलीमीटर), सोनकच्छ (100 मिलीमीटर), भैंसदेही (95.4 मिलीमीटर) और अमरपुर (94) शामिल हैं.

चंदेल ने बताया कि 'निसर्ग' के प्रभाव से गुरुवार को डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया और बड़वानी जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है. इन जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है और कुछ स्थानों पर बिजली गिर सकती है. इस बीच, प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को संभावित प्राकृतिक आपदा के प्रति आगाह करते हुए इससे निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है. इंदौर समेत कुछ जिलों में नागरिकों से अपील की गई है कि फिलहाल वे अपने घरों में ही रहें.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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