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छत्तीसगढ़ में देर रात से हो रही बारिश की वजह से शपथ ग्रहण स्थल में हुआ बदलाव, अब इनडोर स्टेडियम में होगा समारोह

आज शाम साढ़े 4 बजे कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गए भूपेश बघेल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उन्हें राज्यपाल आनंदी बेन पटेल उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगी.

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छत्तीसगढ़ में देर रात से हो रही बारिश की वजह से शपथ ग्रहण स्थल में हुआ बदलाव, अब इनडोर स्टेडियम में होगा समारोह

रायपुर में शपथ ग्रहण समारोह की जगह में हुआ बदलाव

खास बातें

  1. रविवार रात से ही हो रही तेज बारिश
  2. शपथ ग्रहण समारोह पर भरा है पानी
  3. बदला गया शपथ ग्रहण समारोह का स्थान
रायपुर:

राजधानी रायपुर में रविवार देर रात से हो रही बरिश की वजह से शपथ ग्रहण स्थल को बदला गया है. अब राज्य के नए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर के ही इंडोर स्टेडियम में शपथ लेंगे. पहले शपथग्रहण समारोह साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होना था लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से अब लबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्‍टेडियम में यह कार्यक्रम होगा. बंगाल की खाड़ी में उठा फेथाई तूफान आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकरा सकता है. इस कारण छत्तीसगढ़ में भी मौसम में बदलाव हुआ है. बता दें कि आज शाम साढ़े 4 बजे कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गए भूपेश बघेल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उन्हें राज्यपाल आनंदी बेन पटेल उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगी. भूपेश बघेल के साथ दो मंत्री भी शपथ लेंगे. शपथ लेने वाले मंत्रियों के नाम का अभी ऐलान नहीं किया गया है. संभावना है कि टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू और चरणदास महंत में से कोई दो मंत्री पद की शपथ लेंगे.
 


गौरतलब है कि आज शाम तक चक्रवाती तूफान 'फेथाई' का कीनाड़ा के पास समुद्री तट से टकराने वाला है. बंगाल की खाड़ी में 'फेथाई' के प्रभाव के कारण रविवार रात से पूर्वी गोदावरी, पश्चिम गोदावरी, कृष्णा और गुंटूर जिलों में लगातार बारिश हो रही है.

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तेज हवाओं ने कुछ जगहों पर पेड़ और बिजली के खंबों को उखाड़ दिया है. काकीनाड़ा शहर और पूर्वी गोदावरी जिले के कई अन्य हिस्सों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है. मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से तूफान के दस्तक देने के दौरान घर के अंदर ही रहने के लिए कहा है. प्रशासन ने नौ तटीय जिलों में से सात के लिए लाल रंग की चेतावनी जारी की है और तटीय गांवों और निचले इलाकों से निकाले गए लोगों को आश्रय देने के लिए 300 से अधिक राहत शिविर खोले गए हैं. तटीय जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. प्रशासम ने लंबी दूरी की बस सेवाओं को भी निलंबित कर दिया है और सावधानी बरतते हुए कई ट्रेनों को भी रद्द कर दिया है.

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मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला कलेक्टरों के साथ स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने इस आपात स्थिति की तरह निपटने और जिंदगियों के नुकसान को रोकने के लिए जिला प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. नायडू ने अधिकारियों से बचाव और राहत कार्यों के लिए हेलीकॉप्टरों को तैनात रखने का भी निर्देश दिया है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी तूफान से प्रभावित होने वाले जिलों में पहले से ही तैनात कर दिया गया है.

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VIDEO: तूफान गाजा से 13 लोगों की मौत.

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान के कारण 0.5 से 1.0 मीटर की ऊंचाई तक जाने वाली समुद्र की लहरें पूर्वी गोदावरी, पश्चिम गोदावरी, विशाखापट्टनम और कृष्णा जिलों व पुडुचेरी के यानम के निचले इलाकों को प्रभावित कर सकती हैं. मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है और जो पहले से ही गहरे समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटने के लिए कहा गया है. (इनपुट आईएएनएस से) 


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