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सरकार का ऐसा 'डर' कि सीएम कमलनाथ के रिश्तेदारों की आवाभगत में बिछ गया प्रशासन!

मध्यप्रदेश के मुखिया कमलनाथ के भांजे, भांजी और भांजा बहू उज्जैन के मंगलनाथ में विशेष पूजा के लिए पहुंचे, उनके आगे-पीछे घूमता रहा सरकारी अमला

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सरकार का ऐसा 'डर' कि सीएम कमलनाथ के रिश्तेदारों की आवाभगत में बिछ गया प्रशासन!

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के रिश्तेदारों ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में अभिषेक किया.

खास बातें

  1. सीएम के रिश्तेदारों के काफिले में छह से अधिक वाहन शामिल थे
  2. नियमों के अनुसार यह रिश्तेदार प्रोटोकॉल के किसी भी दायरे में नहीं
  3. सरकार के सख्त रवैये के चलते अधिकारियों ने की जमकर जी हुजूरी
भोपाल:

सत्ता का नशा जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों को किस कदर चढ़ा हुआ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) के भांजे ओर भांजी के प्रोटोकॉल में उज्जैन (Ujjain) के प्रशासनिक अमले ने पूरी ताकत झोंक दी. प्रशासनिक अमले को इन रिश्तेदारों के लिए प्रोटोकॉल का पालन करने से ज्यादा शायद सत्ताधारियों द्वारा कार्रवाई का डर सता रहा होगा इसीलिए तो महाकाल दर्शन करने आए सीएम के भांजे-भांजी की आवाभगत में छह से अधिक पुलिस ओर प्रशासनिक वाहनों का काफिला साथ में लगा दिया. वीआईपी मूवमेंट की तर्ज पर इन रिश्तेदारों को उज्जैन भ्रमण करवाया गया. सारे दिन सरकारी मशीनरी उनके आगे-पीछे घूमते रही.

मंगलवार को मध्यप्रदेश के मुखिया कमलनाथ (Kamal Nath)के भांजे, भांजी और भांजा बहू मंगलनाथ मंदिर भात पूजा के लिए पहुंचे. उज्जैन दर्शन करने पहुंचे कमलनाथ के रिश्तेदारों की आवाभगत में प्रशासनिक अमले ने पूरी ताकत झोंक दी. यहां इनके काफिले में तीन पुलिस वाहन, दो प्रशासनिक वाहन, एक एंबुलेंस सहित अन्य वाहन थे. मंगलनाथ में भात पूजा के बाद वे सभी महाकाल मंदिर पहुंचे. वहां करीब आधे घंटे तक पूजन-अभिषेक किया. इसके बाद वे उज्जैन से रवाना हुए.


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खास बात तो यह है कि कमलनाथ (Kamal Nath) के इन रिश्तेदारों के बारे में किसी भी अधिकारी और महाकाल प्रबंध समिति में किसी कर्मचारी को नाम तक पता नहीं थे. सूत्रों की मानें तो महाकाल मंदिर को जारी किए गए पत्र में भी केवल कमलनाथ के परिवार का ही जिक्र है. शासकीय नियमों के अनुसार यह रिश्तेदार प्रोटोकॉल के किसी भी दायरे में नहीं आते, न ही उन्हें वीआईपी सुविधाएं दिए जाने का कोई प्रावधान है. लेकिन कमलनाथ सरकार के अधिकारियों के प्रति सख्त रवैये के चलते उज्जैन के प्रशासनिक अमले ने उनकी आवाभगत में पूरा समर्पण दिखाया.

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सीएम कमलनाथ के रिश्तेदारों के काफिले में शामिल वाहन. 

प्रशासन की जी हुजूरी देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक अमले में कमलनाथ (Kamal Nath) सरकार को लेकर कितने डर का माहौल है. इधर मामला सामने आते ही बीजेपी भी फ्रंट पर आ गई है. उसने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को उसकी परंपरा करार दिया है.

उज्जैन के एसपी सचिन अतुलकर का कहना है कि कमलनाथ के रिश्तेदार निजी प्लेन से उज्जैन आए थे. हवाई जहाज से शहर में आने वालों को सेवाएं दी जाती हैं, जिनका भुगतान किया गया. उन्होंने कहा कि आगंतुकों को सभी सुविधाएं तय फीस पर दी जाती हैं. शहर में प्राइवेट विमान से आने वाले लोगों को से तय शुल्क लेकर सुविधाएं दी जाती हैं. इसमें सुरक्षा और अन्य सुविधाएं शामिल हैं.

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