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मध्य प्रदेश: महिला ने हाईवे पर बच्चे को दिया जन्म, कहा- एंबुलेंस कभी आती ही नहीं

महिला की सास चंद्रा बाई ने बताया कि हमनें लेबर पेन बढ़ने की वजह से इसकी जानकारी विभाग को दी. हमनें एंबुलेंस भेजने का अनुरोध भी किया था.

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मध्य प्रदेश: महिला ने हाईवे पर बच्चे को दिया जन्म, कहा- एंबुलेंस कभी आती ही नहीं

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली:

मध्य प्रदेश में प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. दरअसल, एक महिला को यात्रा करने के दौरान लेबर पेन शुरु हुआ. लेबर पेन बढ़ने के बाद महिला के परिजनों ने 'जननी एक्सप्रेस' एंबुलेंस सेवा की मदद लेने की कोशिश की. लेकिन काफी इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो महिला के पति ने उसे अपनी बाइक से अस्पताल ले जाने की कोशिश की लेकिन दर्द ज्यादा होने की वजह से वह अस्पताल नहीं पहुंच पाया और महिला ने हाईवे पर ही बच्चे को जन्म दिया.

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महिला की सास चंद्रा बाई ने बताया कि हमनें लेबर पेन बढ़ने की वजह से इसकी जानकारी विभाग को दी. हमनें एंबुलेंस भेजने का अनुरोध भी किया था. लेकिन एंबुलेंस आई ही नहीं.अस्पताल की नर्स हंसाली बघाली ने कहा कि बच्चे के परिजन बच्चे को हाथ में लेकर आए थे. उन्होंने बच्चे को रोड पर ही जन्म दिया था. अब जच्चा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ हैं.  गौरतलब है कि इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले प्रसव के लिए जिले के लोहिया चिकित्सालय में आई 34 साल की महिला ने अस्पताल के फर्श पर ही बच्चे को जन्म दे दिया था.


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परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद भी जच्चा बच्चा को बेड उपलब्ध नहीं कराया गया था. परिजनों ने आरोप लगाया कि जहानगंज थाने के ग्राम रुनी की निवासी अंजो को रविवार रात को प्रसव पीड़ा होने पर लोहिया चिकित्सालय लाया गया था. अंजो परिजनों संग अस्पताल के इमर्जेंसी वार्ड में पहुंची. उसका कहना था कि वहां तैनात स्टाफ ने बेड खाली न होने की बात कहकर बाहर गैलरी में उसे टहलने को कहा. दर्द असहनीय होने के कारण वह फर्श पर ही लेट गई और वहीं बच्चे को जन्म दे दिया.

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उसके पति सुजीत ने आरोप लगाया कि अस्पताल में बिस्तर उपलब्ध नहीं था इसलिये अस्पताल के फर्श पर प्रसव हुआ. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि मामले की जांच के लिए सीएमओ और एसीएमओ की एक समिति बनाई गई है और दोनों अधिकारी तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट देंगे. लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कैलाश ने बताया कि महिला निजी वाहन से आई थी. उसने भर्ती किए जाने से पहले ही बच्चे को जन्म दे दिया. 



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