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निर्दलीय उम्मीदवार का बीएमसी चुनाव में शून्य वोट मिलने का दावा निकला झूठा

महाराष्ट्र चुनाव आयोग जनसंपर्क अधिकारी जगदीश मोरे ने बताया कि श्रीकांत सिरसाट का नाम दो बूथों में हैं और एक में उन्हें 11 वोट तो दूसरे में 2 वोट मिले हैं.

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निर्दलीय उम्मीदवार का बीएमसी चुनाव में शून्य वोट मिलने का दावा निकला झूठा

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

मुंबई: हाल ही में सम्पन्न हुए बीएमसी चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार ने खुद को शून्य वोट मिलने का दावा कर सबको हैरान कर दिया था. देश भर में चल रहे ईवीएम विवाद में उसके दावे ने आग में घी डालने का काम किया. लेकिन चुनाव आयोग का कहना है कि उसका दावा गलत है और उसे कुल 44 वोट मिले हैं. मुंबई महानगर पालिका चुनाव में बीएमसी वार्ड क्रमांक 164 के निर्दलीय उम्मीदवार श्रीकांत सिरसाट ने मतगणना के बाद ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि उन्हें एक भी वोट नहीं मिला. उनके इस बयान को चुनाव में ईवीएम का विरोध करने वाले नेताओं ने मुद्दा बनाना शुरू कर दिया. लेकिन चुनाव आयोग की मानें तो सिरसाट को कुल 44 वोट मिले हैं.

महाराष्ट्र चुनाव आयोग जनसंपर्क अधिकारी जगदीश मोरे ने बताया कि श्रीकांत सिरसाट का नाम दो बूथों में हैं और एक में उन्हें 11 वोट तो दूसरे में 2 वोट मिले हैं. दोनों में से एक में उनका अपना वोट होना स्वाभाविक है. जगदीश मोरे ने ये भी साफ किया कि श्रीकांत सिरसाट ने जो शिकायत की थी उसमें भी उन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी की बात लिखी थी ना कि एक भी वोट नहीं मिलने की. सवाल है फिर श्रीकांत ने मीडिया में झूठा बयान क्यों दिया?

जीरो वोट मिलने के दावे के बाद से मीडिया से बचते रहे श्रीकांत सिरसाट शुक्रवार को मीडिया के सामने आए और बताया कि मतगणना के तुरंत बाद हमारे लोगों ने बताया कि सभी बूथ में जीरो वोट मिल रहे हैं, यहां तक कि मेरे बूथ में भी एक भी वोट नहीं मिला. इसलिए मैंने तब वो बयान जारी किया था. लेकिन अब सच सब के सामने है. चुनाव आयोग के खुलासे के बाद श्रीकांत अब भले ही उन्हें एक भी वोट नहीं मिलने की बात से पीछे हट गए हों लेकिन ईवीएम से छेड़छाड़ की अपनी बात पर वो अब भी कायम हैं.


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