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लड़ाई कांग्रेस-एनसीपी के विचारों और शिवसेना के आचार से : मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

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लड़ाई कांग्रेस-एनसीपी के विचारों और शिवसेना के आचार से : मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)

मुंबई:

बीजेपी ने शिवसेना पर पलटवार कर दिया है, मोर्चा खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खोला. फडणवीस ने सीधे तौर पर शिवसेना पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा, 'हमारे रिश्ते जुड़े थे हिन्दुत्व से, शिवाजी से, लेकिन शिवाजी महाराज के नाम पर वसूली से नहीं.' बीजेपी के तेवरों से साफ हो गया कि देश की आर्थिक राजधानी की महानगरपालिका में कब्जे की लड़ाई आनेवाले दिनों में और तल्ख होगी. मुंबई बीजेपी कार्यकर्ता सम्मेलन गोरेगांव के उसी मैदान पर आयोजित हुआ जहां बुधवार को शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने दो दशक पुराने गठबंधन को तोड़ने का ऐलान किया था. मंच पर शिवाजी की मूर्ति, प्रधानमंत्री के पोस्टर जैसे तमाम प्रतीक मौजूद थे. फडणवीस ने मुंबई में 25 साल तक भ्रष्ट महानगरपालिका के लिये शिवसेना को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा परिवर्तन होकर रहेगा.

मुख्यमंत्री ने कहा, 'आपको शिवाजी महाराज का नाम लेने का हक़ नहीं है क्योंकि आप हाथ में भगवा पकड़कर उगाही करते हैं, कांग्रेस ने ऐसा ही हाथों में तिरंगा पकड़कर किया लोगों ने हमें बदलाव के लिये वोट दिया था. फडणवीस ने कहा हम वोटों के लिये जुगलबंदी नहीं भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिये नोटबंदी करते हैं. उन्होंने 2014 विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधन तोड़ा और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, इस बार भी वो ऐसा ही कर रहे हैं. उन्होंने हमें 60 सीटें देकर कहा ये बीजेपी की औकात है, वक्त आ गया है कि हम उन्हें बीजेपी की असली औक़ात दिखाएं.


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वहीं शिवसेना ने बीएमसी में कथित घोटालों के लिए सीधे देवेंद्र फडणवीस को दोषी ठहराते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राज्य के शहरी विकास मंत्री के तौर पर अपनी क्षमता में प्रस्तावों को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार हैं. शिवसेना के सांसद राहुल शेवाले ने कहा, 'महानगरपालिका के प्रमुख नगरपालिका आयुक्त हैं जिन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त करते हैं. जब भी बीएमसी की स्थायी समिति प्रस्तावों को मंजूरी देती है, वे अंतिम मंजूरी के लिए नगरपालिका आयुक्त और शहरी विकास विभाग के पास जाते हैं.

बीएमसी की स्थायी समिति के पूर्व प्रमुख शेवाले ने कहा, 'मुख्यमंत्री पूरी प्रक्रिया में शामिल होते हैं. इसलिए वह साफ करें कि भ्रष्टाचार के लिए कौन जिम्मेदार है. मुंबई महानगरपालिका सहित महाराष्ट्र में 10 महानगरपालिका और स्थानीय निकायों के लिये 21 फरवरी को चुनाव होंगे, नतीजों का ऐलान 23 फरवरी को होगा. शिवसेना या बीजेपी की हार जीत से राज्य में सत्ता के समीकरण बदल सकते हैं.



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