NDTV Khabar

पत्रकार जेडे हत्याकांड की जांच कर रही CBI टीम के पास ना दफ़्तर है ना ही सरकारी वकील!

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
पत्रकार जेडे हत्याकांड की जांच कर रही CBI टीम के पास ना दफ़्तर है ना ही सरकारी वकील!

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

मुंबई:

इंडोनेशिया से पकड़ कर लाए गए अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन पर महाराष्ट्र में कुल 71 अपराधिक मामले दर्ज हैं। डॉन और उसके अपराधों के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में दर्ज सभी मामलों की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच से लेकर सीबीआई को दे दी। उसपर मुक़दमा चलाने के लिए आर्थर रोड जेल परिसर में बनी विशेष मकोका अदालत और जज एस.एस. अडकर को भी अधिकृत कर दिया। लेकिन जांच एजेंसी सीबीआई को अभी तक एक अदद दफ्तर यानी कि बैठने की जगह नहीं मिली है। इस बात का खुलासा 17 फरवरी को अदालत में खुद सीबीआई के वकील ने किया।

मकोका की विशेष अदालत में पत्रकार जेडे हत्याकांड की सुनवाई चल रही है। मामले में फरार आरोपी छोटा राजन को भारत लाने के बाद अब उस पर आरोप तय करना है। लेकिन सीबीआई की स्पेशल क्राइम टीम उसके पहले अपनी जांच को पुख्ता कर लेना चाहती है। और इसके लिए वो बार-बार तारीख आगे बढ़ाने की मांग करती है। 16 फरवरी को सुनवाई के दौरान जब एक बार फिर सीबीआई ने तारीख मांगी तो जज अडकर ने सवाल किया कि पिछली तारीख पर सीबीआई की तरफ से आयए सरकारी वकील भारत बादामी कहां हैं?

सीबीआई की तरफ से बताया गया कि वो शीना बोरा हत्याकांड के मुक़दमे में व्यस्त हैं इसलिये इसबार नए सरकारी वकील हाजिर हुए हैं। बचाव पक्ष के वकील प्रकाश शेट्टी ने सवाल उठाया कि ये मकोका की विशेष अदालत है इसलिए अधिकृत विशेष सरकारी वकील ही इसमें सीबीआई की तरफ से पैरवी कर सकते हैं।


टिप्पणियां

इसपर अदालत में मौजूद सीबीआई के वकील ने खुलासा किया कि सीबीआई के पास ना तो जेडे हत्याकांड की सुनवाई के लिए अभी विशेष सरकारी वकील है और ना ही जांच टीम के लिये मुंबई में कोई इंफ्रास्ट्रक्चर!

मतलब ये कि पत्रकार जेडे हत्याकांड जिसमें अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन मुख्य आरोपी है। राजन पर जेडे की हत्या करवाने का आरोप है। मामले में डॉन के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के लिए सीबीआई की टीम वारदात और उसकी जांच से जुड़े गवाहों, अफसरों और कुछ आरोपियों का फिर से बयान दर्ज कर रही है। लेकिन उस सीबीआई टीम के पास मुंबई में एक अदद दफ़्तर भी नहीं है। वो कभी आजाद मैदान पुलिस क्लब तो कभी पुलिस मेस में किराये पर कमरा लेकर वहीं से जांच को अंजाम दे रही है।



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement