मुंबई : आसमान पर चना दाल के दाम, वड़ा-पाव हुआ महंगा

मुंबई : आसमान पर चना दाल के दाम, वड़ा-पाव हुआ महंगा

प्रतीकात्मक चित्र

मुंबई:

मुंबई की पहचान में शुमार वड़ा-पाव अब आम जनता की जेब पर भारी पड़ने जा रहा है. चना दाल की बढ़ी कीमतों से परेशान कई दुकानदार इसकी कीमत में इज़ाफा कर चुके हैं, तो कुछ दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं.

मुंबई में दादर स्टेशन के करीब श्रीकृष्ण वड़ा-पाव सेंटर के मालिक एक प्लेट वड़ा-पाव की कीमत 30 से बढ़ाकर 34 रुपये कर चुके हैं. दुकान के मालिक नरेश कुडवा ने कहा, पिछले साल चना दाल 70 रुपये प्रति किलो था, इस साल इसकी कीमत 150 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे बेसन के दाम बढ़े हैं. इस वजह से हमें कीमत बढ़ानी पड़ी.

यूरोप से आलू आया, पुर्तगाल से पाव, 60 के दशक में मिलों के शहर मुंबई में बन गया वड़ा-पाव. तेजी से भागती-दौड़ती मुंबई में सालों तक हर खासो आम की पसंद, अब शायद जेब को नापसंद लगे. चना दाल, प्याज, मिर्च की कीमतों में इजाफे से कई दुकानदार वड़ा-पाव के दाम 2-4 रुपये तक बढ़ा चुके हैं और कुछ बढ़ाने की तैयारी में हैं. कीर्ति कॉलेज के बाहर वड़ा-पाव का स्टॉल मशहूर है. उसके मालिक अशोक ठाकुर ने कहा, 'हमारे यहां ज्यादातर स्कूल-कॉलेज के बच्चे आते हैं, इसलिये मैंने दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन क़ीमत और बढ़ी तो मुझे रेट बढ़ाना पड़ेगा.'

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वड़ा-पाव का गणित सीधे चना दाल और मैदे से जुड़ा है. वड़े में इस्तेमाल होने वाला बेसन चना दाल से बनता है. चना दाल की पैदावर कम हुई, ऊपर से त्योहारी सीजन. यही वजह थी कि पिछले साल लगभग 70 रुपये प्रति किलो बिकने वाला चना दाल, 150-160 रुपये तक जा पहुंचा है. 2013-14 में चना दाल की पैदावार 9.53 मिलियन टन थी, जो घटकर 2014-15 में 7.33 मिलियन टन रह गई. इससे साल बस थोड़ी सी पैदावार बढ़ने की उम्मीद है.

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चना दाल की बुवाई रवी सीजन यानी अक्टूबर-नवंबर में होती है और कटाई मार्च-अप्रैल में. सरकार चना दाल की खरीद के लिए ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में घूम आई, लेकिन कीमतें अगले साल से पहले घटेंगी इसकी उम्मीद कम है. ऐसे में वड़ा-पाव के साथ बेसन से बनना वाला भजिया, फाफड़ा, नमकीन सेव, बूंदी सभी के महंगे होने के आसार हैं.