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'मैं बेगुनाह हो कर जेल से रिहा होना चाहता हूं', राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के बाद बोले छगन भुजबल

वोट करने के बाद भुजबल ने कहा, 'मैं बेगुनाह हूं. बेगुनाह हो कर जेल से रिहा होना चाहता हूं. जिन कंपनियों का जिक्र हो रहा है उनमें मेरा एक भी शेयर नहीं है.'

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'मैं बेगुनाह हो कर जेल से रिहा होना चाहता हूं', राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के बाद बोले छगन भुजबल

महाराष्‍ट्र के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री छगन भुजबल (फाइल फोटो)

मुंबई: राष्ट्रपति चुनाव के लिए देशभर में हो रही वोटिंग के बीच महाराष्ट्र में हुई वोटिंग चर्चा में रही. यहां जेल में बंद दो आरोपियों को वोट के लिए पुलिस संरक्षणा में महाराष्ट्र विधानभवन लाया गया. एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल और निष्कासित विधायक रमेश कदम ने मुंबई में वोट किया. दोपहर साढ़े ग्यारह बजे के बाद पहले रमेश कदम और फिर बाद में छगन भुजबल को पुलिस बंदोबस्त में विधानभवन में लाया गया. एक घंटे के अंतराल के बाद दोनों नेता वोटिंग के लिए पहुंचे. गौरतलब है कि भुजबल के स्वागत के लिए महाराष्ट्र एनसीपी के दर्जनभर विधायक विधानभवन के गेट पर मौजूद थे. एम्‍बुलेंस से पहुंचे भुजबल की तबियत नरम महसूस हो रही थी. उनकी मदद करने के लिए उनके बेटे और नांदगांव से एनसीपी विधायक पंकज मौजूद थे.

वोट के लिए विधानभवन पहुंचे भुजबल करीब दो घंटे तक यहां थे. वोट करने के बाद भुजबल ने कहा, 'मैं बेगुनाह हूं. बेगुनाह हो कर जेल से रिहा होना चाहता हूं. जिन कंपनियों का जिक्र हो रहा है उनमें मेरा एक भी शेयर नहीं है.' भुजबल को विधानभवन से ले जाते समय उनके समर्थकों ने विधानभवन के बाहर जोरदार नारेबाजी की. समर्थकों का कहना था कि भुजबल के साथ नाइंसाफी हो रही है.

छगन भुजबल के अलावा एनसीपी से निष्कासित हो चुके विधायक रमेश कदम ने भी राष्ट्रपति चुनाव में वोट किया. महाराष्ट्र में कुल 288 विधायक हैं. इस में से बहुजन विकास आघाडी (फ्रंट) के विधायक क्षितिज ठाकुर ने वोट नहीं किया. जबकि राज्यसभा सांसद संजय काकड़े ने अपना वोट मुंबई में स्थानांतरित किया था, जिसे उन्होंने पूरा किया.




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