नोटबंदी : नवी मुंबई की यह एसबीआई कॉलोनी पूरी तरह कैशलेस बन गई है

नोटबंदी : नवी मुंबई की यह एसबीआई कॉलोनी पूरी तरह कैशलेस बन गई है

मुंबई:

नोटबंदी के बाद रोजमर्रा के खर्चे के लिए लोग बैंक या एटीएम की कतार में लगने को मजबूर हैं, लेकिन नवी मुंबई के नेरूल में बनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कॉलोनी अब फल-सब्ज़ी, दूध वालों को पैसे देने के लिए भी नकद के भरोसे नहीं है. पूरी सोसायटी कैशलेस हो गई है.

करीब साल भर पुरानी 'बडी' ऐप को अपनाकर एसबीआई कॉलोनी के 2600 बाशिंदे पूरी तरह बगैर नकदी रोज़ाना की खरीदारी कर रहे हैं. सोसायटी में फल-सब्जी, डबलरोटी वाले से लेकर, अखबार बांटने वाले तक को ई-पेमेंट किया जा रहा है. कई सालों से सोसायटी में लॉन्ड्री का काम करने वाले बिंदा प्रसाद निर्मल ने कहा, 'एक साहब से मैंने ये सीखा. अब मेरे लिए बहुत आसान है. पहले छुट्टे के लिए किचकिच होती थी अब पूरा पैसा मिल जाता है बड़े आराम से.'

बगैर नकदी व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए सोसायटी में 4 वाई-फाई हॉटस्पॉट भी बनाए गए हैं. बैंक की योजना इस स्कीम को अब रायगढ़ के तीन गांवों में पहुंचाने की है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

एसबीआई की उपप्रबंध निदेशक मंजू अग्रवाल ने कहा, 'हम पहले तीन गांवों में इसे लागू करेंगे एक तरह से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर. अगर सफल हुए तो इसे और भी गांवों में लेकर जाएंगे.'

13 भाषाओं में मौजूद इस ऐप की खासियत ये है कि अगर आप इस ऐप में डाला कुछ पैसा नकद में निकालना चाहते हैं, तो वो भी आप कर सकते हैं.