मुंबई के अग्निशमन विभाग को 'तेज' बनाने के लिए जीपीएस का उपयोग होगा

मुंबई के अग्निशमन विभाग को 'तेज' बनाने के लिए जीपीएस का उपयोग होगा

प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई:

मुंबई में अग्निशमन विभाग को ज़्यादा आधुनिक बनाने के लिए अब जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। दमकल की सभी गाड़ियों में जीपीएस लगाया जाएगा और मेन कंट्रोल रूम से उन्हें जोड़ा जाएगा।

लोकेशन ढूंढने में मुश्किल नहीं होगी
आग लगने पर कई बार दमकल की गाड़ियां ट्रैफिक में फंस जाती हैं। कभी रास्ता भटक जाती हैं और कई बार सही लोकेशन ही ढूंढती रह जाती हैं। इलाके के ब्लूप्रिंट की कमी इसकी वजह बनती है। ऐसे में अब जीपीएस फायर डिपार्टमेंट की मदद करेगा।

कंट्रोल रूम सेटेलाइट से करेगा नियंत्रित
इस साल दिसंबर तक मुम्बई की हर आग बुझाने वाली गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगा होगा। साथ ही इन सभी गाड़ियों को सेटेलाइट के जरिए मेन कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा जिससे कि लोकेशन पर हो रही रियल टाइम गतिविधियों को मॉनिटर किया जा सकेगा। गाड़ियों में लगने वाला जीपीएस सिस्टम फायर इंजन को मॉनिटर करेगा, उसे मौके पर पहुंचने का सबसे सही रूट बताएगा और आग लगने की सही लोकेशन भी बताएगा।

कम समय में मौके पर काम शुरू हो सकेगा
चीफ फायर ऑफिसर प्रभात रहांगदले का कहना है कि," इस सिस्टम से रिस्पांस टाइम काफी कम होगा और सभी गाड़ियों के सेटेलाइट सिस्टम से कनेक्ट होने पर स्पॉट पर एक्चुअल एक्शन देख पाएंगे।" 60 करोड़ के बजट से बन रहा यह सिस्टम अगर कामयाब हुआ तो फायर डिपार्टमेंट सच में रिस्पांस टाइम को कम कर पाएगा। वरना अभी के हालात में तो पूरी ट्रेनिंग और हर इलाके के ब्लूप्रिंट होने के दावों के बाद भी आग बुझाने वाली गाड़ियां ट्रैफिक या गलत रास्तों पर फंसी नजर आती हैं।

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