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शिवसेना ने सरकार से कहा - आईसीजे के आदेश पर अधिक उत्साहित न हों

शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा, ‘‘पाकिस्तान की सभी दलीलें हेग स्थित अदालत में खारिज हो गई हैं लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है.

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शिवसेना ने सरकार से कहा - आईसीजे के आदेश पर अधिक उत्साहित न हों

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

मुंबई: शिवसेना ने शनिवार को सरकार से कहा कि कुलभूषण जाधव की सुरक्षित घर वापसी तक अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत के फैसले पर अधिक उत्साहित न हो. हालांकि उन्होंने पूर्व नौसेना अधिकारी की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय द्वारा किए प्रयासों की सराहना भी की. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोपों में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी. शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा, ‘‘पाकिस्तान की सभी दलीलें हेग स्थित अदालत में खारिज हो गई हैं लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. हम पाकिस्तान की हरकतें नहीं भूल सकते और लाहौर जेल में सरबजीत की हत्या को भी भुलाया नहीं जा सकता. इसलिए सरकार को अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत के आदेश पर इतना उत्साहित नहीं होना चाहिए और यह याद रखना चाहिए कि कुलभूषण के सुरक्षित देश लौटने तक हमारी चिंता खत्म नहीं होगी.’’

उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही विदेश मंत्रालय की ओर से उठाए गए कूटनीतिक कदम जाधव मामले में महत्वपूर्ण साबित हुए. उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्री (सुषमा स्वराज) शुरू से यह आश्वासन दे रही थीं कि जाधव की जिंदगी बचाने के लिए भारत हर संभव कदम उठाएगा और उनके यह आश्वासन प्रथम चरण में सही साबित हुए. इसके लिए उनको बधाई दी जानी चाहिए.’’

शिवसेना ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में भारत का पक्ष रखने वाले वकील हरीश साल्वे की भी सराहना की और कहा कि अंतरिम आदेश भारत के पक्ष में आया क्योंकि साल्वे ने मामले को प्रभावी ढंग से पेश किया, तथ्यों को सामने लाए और पाकिस्तान द्वारा वियना संधि के प्रावधानों के उल्लंघन को प्रमुखता से उठाया.

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जाधव को पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था, तब से भारत ने दर्जनों बार राजनयिक पहुंच की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान ने इसकी इजाजत नहीं दी. संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च न्यायिक निकाय आईसीजे ने 18 मई को भारत को राहत देते हुए पाकिस्तान से कहा कि वह इस मामले में अंतिम आदेश आने तक यह सुनिश्चित करे कि जाधव की मौत की सजा पर अमल न किया जाए.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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