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मेरा बेटा इतना गिर चुका है कि मैं उससे बात नहीं कर सकता: विजयपत सिंघानिया

विजयपत सिंघानिया ने कंपनी के सारे शेयर्स अपने बेटे को दे दिए जिनकी क़ीमत 1000 करोड़ रुपये के करीब थी. लेकिन उनका कहना है कि बेटे गौतम ने उन्हें बेसहारा छोड़ दिया.

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मेरा बेटा इतना गिर चुका है कि मैं उससे बात नहीं कर सकता: विजयपत सिंघानिया

एनडीटीवी से बात करते विजयपत सिंघानिया

मुंबई:

देश के सबसे अमीर परिवारों में शुमार सिंघानिया परिवार में विवाद खड़ा हो गया है. इस बार विवाद विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे गौतम सिंघानिया के बीच पैदा हुआ है. रेमंड लिमिटेड के मालिक विजयपत सिंघानिया ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने उन्हें पैसे-पैसे का मोहताज बना दिया. भारत के जाने माने ब्रांड रेमंड लिमिटेड को अपने बेटे को सौंपने के बाद अब विजयपत सिंघानिया मुंबई के ग्रैंड पराडी सोसायटी में किराये पर रहते हैं.

वहीं एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए गौतम सिंघानिया ने कहा था कि जो पेड़ की तरह जिद्दी रहेंगे तो आप गिरेंगे और टूटेंगे भी. विजयपत सिंघानिया ने कंपनी के सारे शेयर्स अपने बेटे को दे दिए जिनकी क़ीमत 1000 करोड़ रुपये के करीब थी. लेकिन उनका कहना है कि बेटे गौतम ने उन्हें बेसहारा छोड़ दिया. विजयपत सिंघानिया ने कहा कि माता-पिता से यही कहूंगा कि बेटों से प्यार करिए लेकिन आंखें बंद करके नहीं. मैंने ऐसा ही किया और इसकी बड़ी क़ीमत चुका रहा हूं.

VIDEO: NDTV से बात करते विजयपत सिंघानिया


सिंघानिया और उनके बेटे को विवाद आपसी सहमति से सुलझाने की सलाह
इससे पहले 10 अगस्‍त को बंबई उच्च न्यायालय ने विजयपत सिंघानिया और उनके पुत्र रेमंड लि. के चेयरपर्सन एवं प्रबंध निदेशक गौतम सिंघानिया को अपने संपत्ति विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की सलाह दी थी. विजयपत सिंघानिया ने उच्च न्यायाल में अपील दायर कर आरोप लगाया है कि उनके पुत्र परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति विवाद में मध्यस्थता फैसले का पूरी तरह सम्मान करने से इनकार कर रहे हैं.

सिंघानिया ने याचिका में कहा था कि रेमंड लि. अभी तक इस फैसले के तहत दक्षिण मुंबई के बहुमंजिला जेके हाउस भवन में ड्यूप्‍लेक्‍स का कब्जा नहीं दिया है. न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी ने याचिका की सुनवाई करते हुए कहा था, ‘‘सबसे पहले तो इस तरह के मामले अदालतों में नहीं आने चाहिए. यह पिता और पुत्र के बीच का विवाद है. इसे मिलबैठकर सुलझाने का प्रयास करें.’’ सभी पक्षों के वकीलों ने कहा कि वे अदालत के सुझाव पर विचार को तैयार हैं.

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परिवार के बीच 2007 के करार के तहत विजयपत सिंघानिया, उनके पुत्र गौतम सिंघानिया, विजयपत के भाई अजयपत सिंघानिया की विधवा और उनके दो पुत्रों प्रत्येक को जेके हाउस में एक-एक ड्यूपलेक्स मिलना है. अदालत ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 22 अगस्त तय की है. अदालत ने कहा है कि रेमंड को अगले आदेश तक जेके हाउस की दो मंजिलों पर किसी तरह का तीसरे पक्ष का अधिकार नहीं बनाना है.

(इनपुट भाषा से...)


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