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मीरा कुमार का सवाल : ...आखिर तब ही क्यों लड़ाई दलित बनाम दलित कहलाती है?

मीरा कुमार ने कहा, जब इतिहास में कोई और उम्मीदवार होते थे, तब तो उम्मीदवारों के गुणों पर बहस की गई. ऐसे में जब मैं और कोविंद मैदान में आते हैं तो हमेशा जाति की बातें छिड़ जाती हैं. क्यों?

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मीरा कुमार का सवाल : ...आखिर तब ही क्यों लड़ाई दलित बनाम दलित कहलाती है?

मीरा कुमार की फाइल तस्वीर

मुंबई: राष्ट्रपति चुनाव को दलित बनाम दलित की लड़ाई बनाए जाने पर यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार ने गहरी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि ऐसी सोच बदलनी होगी. वे अपने प्रचार के पहले दौर में मुंबई के दौरे पर थीं. यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीरा कुमार ने कहा कि, इस लड़ाई को दलित बनाम दलित किसने बनाया? जब इतिहास में कोई और उम्मीदवार होते थे, तब तो उम्मीदवारों के गुणों पर बहस की गई. ऐसे में जब मैं और कोविंद मैदान में आते हैं तो हमेशा जाति की बातें छिड़ जाती हैं. क्यों? सबकी सोच क्यों बेहतर नहीं बन सकती?

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने शुक्रवार को गुजरात से अपने प्रचार की शुरुआत की. उन्होंने साबरमती आश्रम जाकर महात्मा गांधी के प्रतिमा को प्रणाम किया. इसके बाद अपील में उन्होंने कहा कि, सभी अंतरात्मा की आवाज सुनें और मुझे अपना समर्थन दें. गौरतलब है कि मीरा कुमार ने राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े सभी वोटरों को खत लिखकर यह अपील की है.

गौहत्या के आरोप लगाकर हो रही हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में बेहद चिंताजनक वातावरण है. इसके खिलाफ बहुत मजबूती से कदम उठाए जाने चाहिए, जब केंद्र की सरकार के पास पूर्ण ताक़त है, तब उन्हें हिंसा करनेवालों के प्रति कड़ाई से पेश आना होगा.


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