मुंबई में सप्ताह भर बाद शुरु हुए अंग प्रत्यारोपण के ऑपरेशन

मुंबई में सप्ताह भर बाद शुरु हुए अंग प्रत्यारोपण के ऑपरेशन

खास बातें

  • किडनी रैकेट में डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद बंद थे ऑपरेशन
  • अंग प्रत्यारोपण के नए मानक तय करने के लिए कमेटी बनाने की घोषणा
  • हीरानंदानी अस्पताल के पांच डॉक्टरों को मिली जमानत
मुंबई:

मुंबई के हीरांनादानी अस्पताल में किडनी रैकेट में डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कई अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण को अस्थाई तौर पर रोक दिया गया. अंग प्रत्यारोपण के नए मानक तय करने के लिए कमेटी बनाने की घोषणा के बाद फिर से यह ऑपरेशन शुरू हुए.

मुंबई में लगभग एक हफ्ते तक अंग प्रत्यारोपण लगभग रुके से रहे. वजह थी हीरानंदानी किडनी रैकेट में हुई डॉक्टरों की गिरफ़्तारी. अंगदान के लिए परिजनों के न मिलने की वजह से प्रत्यारोपण के लिए महाराष्ट्र में पहले से ही चार साल की वेटिंग है. डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कई अस्पतालों में सिर्फ आपातकालीन अंग प्रत्यारोपण ही हुए.

एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कन्सल्टेंट्स के अध्यक्ष डॉ सुधीर सावंत ने कहा कि "सभी आपातकालीन ऑपरेशन जारी थे. लेकिन नए प्रत्यारोपण के मामले नहीं लिए जा रहे थे. हमारी मांग थी कि प्रत्यारोपण की कागजी कार्यवाही का जिम्मा किसी थर्ड ऑडिट पार्टी को दिया जाए. इसकी जवाबदेही डॉक्टरों पर नहीं होनी चाहिए."

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मेडिकल संस्थाओं की मांग पर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को अंग प्रत्यारोपण के मानक नए सिरे से तय करने के लिए एक कमेटी बनाने की घोषणा की. स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने कहा है कि नए मानकों को तय करने के लिए कमेटी बनेगी. अंग दान करने वाले की सही काउंसलिंग भी की जाएगी. कागजी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा और आधार से जोड़ा जाएगा.

हीरानंदानी अस्पताल किडनी रैकेट मामले में अब तक अस्पताल के सीईओ डॉक्टरों और एजेंट समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गुरुवार को सीईओ समेत 5 डॉक्टरों को निचली अदालत ने जमानत दे दी.