मुंबईकरों का आरोप, 'सड़कों के गड्ढों' का घोटाला छिपाने के लिए BMC ने बंद किया वेब पोर्टल...

मुंबईकरों का आरोप, 'सड़कों के गड्ढों' का घोटाला छिपाने के लिए BMC ने बंद किया वेब पोर्टल...

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर...

मुंबई:

बरसात आते ही मुंबई में 'गड्ढों में सड़कें' या 'सड़कों में गड्ढों' का फर्क मुश्किल हो जाता है। कुछ सालों पहले गड्ढों की शिकायत के लिए बीएमसी ने एक वेब पोर्टल शुरू किया था, जिसका संचालन एक स्वतंत्र एजेंसी का पास था, लेकिन इस साल बिना वजह उसे बंद कर दिया गया। लोगों की शिकायत है कि 'इसका मकसद गड्ढों का घोटाला छिपाना है।' वहीं बीएमसी का कहना है कि 'बड़े पैमाने पर सड़कें दुरूस्त हैं। जहां दिक्कत हैं वो उन्हें उनके ऐप या हेल्पलाइन पर सूचित कर सकते हैं।'

बीएमसी का कहना है 'शहर की सड़कों में 77 गड्ढे थे। 60 वो भर चुकी है। 17 बचे हैं। पश्चिमी उपनगर के 135 गड्ढों में 30 भरे जाने हैं, जबकि पूर्वी उपनगर के 72 में 16। हालांकि लोगों का कुछ और कहना है। रोज़ माहिम से महालक्ष्मी का सफर तय करने वाले उस्मान कहते हैं कि 'बीएमसी क्या कर रही है... मेरी नई गाड़ी है आठ जगह गड्ढों में फंस चुकी है।' वहीं नित्या का कहना है कि 'ये बहुत ख़तरनाक है। गड्ढों में कई हादसे मैंने खुद देखे हैं।'

2012 में गड्ढों की शिकायत के लिए वॉयस ऑफ सिटीजन नाम की वेबसाइट शुरू की गई थी, जिसका संचालन स्वतंत्र एजेंसी के हाथों में था। शहर की 2,000 किलोमीटर लंबी सड़क में गड्ढों के लिए पहले ही साल 26,520 शिकायतें आईं। अगले साल 38,000,  लेकिन अपने एमसजीजीएम ऐप 24/7 के नाम पर बीएमसी ने इसे बंद कर दिया। काम न होने पर गड्ढों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर जुर्माने को भी खत्म कर दिया गया। ऐसे में लोगों की शिकायत है कि महानगर पालिका गड्ढों की आड़ में साख बचाने के साथ 352 करोड़ रुपये के घोटाले को दफन कर रही है। लेकिन, बीएमसी के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर सुधीर नाइक का कहना है कि 'दो एप्लीकेशन एक साथ चलाने से लोग भ्रमित हो रहे थे, इसलिए हमने वेबसाइट बंद कर दी, लेकिन ऐप में लोग शिकायत दर्ज करा सकते हैं और 48 घंटों में उसका समाधान हो जाएगा।'

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मुंबई में इस साल गड्ढे पाटने के नाम पर 352 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे हैं। मामले में मरम्मत करने वाली कंपनियों के 22 कर्मचारी गिरफ्तार हो चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस बीएमसी की सत्ता पर काबिज शिवसेना-बीजेपी पर सीधे हमला कर रही है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि महानगर पालिका बताए कि घोटाले के पैसे कहां गए? सियासी सड़कों की लड़ाई कांग्रेस ऑनलाइन भी लड़ने वाली है। वो भी गड्ढों को नेताओं के नाम देकर शायद ये बात भूलते हुए कि शहर की सड़कें बीएमसी के अलावा, पीडब्लूडी, एमएमआरडीए के पास भी थीं और उनके राज में भी हालात जुदा नहीं थे।