मुंबई के भायखला ज़ू में लाई गई 8 में से 1 पेंगुइन की मौत, शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर

मुंबई के भायखला ज़ू में लाई गई 8 में से 1 पेंगुइन की मौत, शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर

मुंबई के जृू में पेंगुइन

मुंबई:

मुंबई के भायखला ज़ू में लाई गई 8 में से 1 पेंगुइन की मौत को अब 15 दिन हो गए हैं. बीएमसी चुनाव को देखते हुए सभी दल इस मुद्दे को भुनाने में लगे हैं. मामले में जांच की मांग लगातार की जा रही है.

डोरी की मौत को 15 दिन हो गए. पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट बताती है कि डोरी की मौत इन्फेक्शन से हुई. जुलाई में दक्षिण कोरिया से 8 पेंगुइन लाई गई जिनमें से एक चल बसी. पेंगुइन के रखरखाव में लगी बीएमसी अब सवालों के घेरे में हैं. पेंगुइन लाने से लेकर उनके रहने के लिए एन्क्लोज़र बनाने तक में भ्रष्टाचार के आरोप हैं.

गुरुवार को महाराष्ट्र लोकायुक्त में शिकायत भी की गई. प्रवीण छेड़ा, बीएमसी सभागृह नेता ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज करवाई. पशुओं के अधिकार के लिए काम करने वाली संस्थाएं भी जांच की मांग कर रही हैं.

हालांकि बीएमसी और ज़ू के अफ़सर रखरखाव में कमी की बात से साफ़ इनकार कर रहे हैं. संजय त्रिपाठी, डायरेक्टर, भायखला ज़ू, का कहना है कि सभी पेंगुइन का पूरी तरह ख़्याल रखा जा रहा है.

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पेंगुइन को लाए जाने के महीनों बाद तापमान कंट्रोल करने के लिए चिलर्स लाए गए. यहां तक की ऑक्सिजन सिलिंडर भी डोरी के बीमार पड़ने के बाद नज़दीकी अस्पताल से लाए गए.

बीएमसी अब भी पेंगुइन के सही रखरखाव का दावा कर रही है, और विपक्ष लगातार इस दावे पर हमला कर रहा है. लेकिन पेंगुइन के नाम पर हो रही इस राजनीति के बीच कोई भी इन बची हुई पेंगुइन को वापस भेजने की बात नहीं कर रहा है.