मुस्लिम को घर बेचने पर रोक लगाने वाले हाउसिंग सोसायटी के नौ सदस्य गिरफ्तार

मुस्लिम को घर बेचने पर रोक लगाने वाले हाउसिंग सोसायटी के नौ सदस्य गिरफ्तार

खास बातें

  • वसई की हैप्पी जीवन सोसायटी का मामला
  • अदालत ने आरोपियों को जमानत पर रिहा किया
  • सोसायटी के सदस्यों ने धर्म के नाम पर घर बेचने से रोका
मुंबई:

धर्म या शाकाहारी और मांसाहारी के नाम पर आवासीय सोसायटियों में मकान बेचने और खरीदने पर भेदभाव अक्सर सुनने को मिलते हैं. लेकिन आम तौर पर मामला आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रहता है, पर वसई में ऐसे ही एक मामले में न सिर्फ एफआईआर दर्ज हुई बल्कि मानिकपुर पुलिस ने एक हाउसिंग सोसायटी के नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. यह अलग बात है कि उन्हें जमानत मिल गई.

मुंबई के उपनगर वसई में हैप्पी जीवन सोसायटी में रहने वाली 55 साल की कांता बेन पटेल अपने फ्लैट को 47 साल वर्षीय विकार अहमद खान को बेचना चाहते थी. कांता बेन के बेटे जिग्नेश के मुताबिक खरीदार विकार अहमद खान से उनका  करार भी हो गया था लेकिन सोसायटी ने एक प्रस्ताव पारित कर उन्हें फ्लैट बेचने से रोक दिया. मामला पुलिस थाने पहुंचा, जहां मानिकपुर  ने 295 (अ) के तहत सोसायटी के 11 सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया.

थाने के पुलिस निरीक्षक अनिल पाटिल के मुताबिक सोसायटी के सदस्यों ने धर्म के नाम पर एक शख्स को घर बेचने देने से इनकार कर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई है. खरीदार विकार खान ने भी सोसायटी पर एनओसी देने से इनकार करने का आरोप लगाया.
 
हैप्पी जीवन सोसायटी में 16 फ्लैट हैं, जिसमें पहले से दो मुस्लिम परिवार रहते हैं. दोनों परिवारों ने बिल्डर से फ्लैट खरीदा था. इन दोनों परिवारों का कहना है कि उन्हें सोसायटी की कमेटी और उसके फैसलों से बाहर रखा गया है.

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