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मुंबई : पत्रकार जे डे हत्याकांड में एक और शख्स का नाम! सीबीआई ने हैरत में डाला

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मुंबई : पत्रकार जे डे हत्याकांड में एक और शख्स का नाम! सीबीआई ने हैरत में डाला

पत्रकार जे डे (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सीबीआई ने दी अदालत को जानकारी लेकिन नाम का खुलासा नहीं किया
  2. जे डे की हत्या को पांच साल बीत गए लेकिन मुकदमा शुरू नहीं हुआ
  3. मामले में मुख्य आरोपी अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन
मुंबई:

पत्रकार जे डे हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने इस मामले में एक और शख्स का नाम सामने आने का दावा किया है। अब तक यही माना जा रहा था कि अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ही मामले की आखिरी कड़ी था। हालांकि अभी सीबीआई ने उस शख्स के नाम का और हत्या में उसकी भूमिका का खुलासा नहीं किया है।

11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर
वरिष्ठ पत्रकार जे डे की हत्या हुए 5 साल गए। इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है। अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट बनकर तैयार है, बस फाइल होनी बाकी है। लेकिन सीबीआई सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर करने के बजाय तारीख पर तारीख मांगे जा रही है। सोमवार को तो सीबीआई ने मामले में एक और नए शख्स का सुराग मिलने का दावा करके हैरान कर दिया।

5 अगस्त तक  छोटा राजन के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने का आदेश
हत्याकांड के ज्यादातर आरोपियों को गिरफ्तार हुए 5 साल होने को है, लेकिन अभी तक मुकदमा शुरू नहीं हो पाया है। बचाव पक्ष के वकील संतोष देशपांडे के मुताबिक अदालत ने सीबीआई से कहा कि वह 5 अगस्त तक  छोटा राजन के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर करे नहीं तो अदालत बाकी के 11 लोगों के खिलाफ आरोप दायर करके मुकदमा शुरू कर देगी। अदालत ने याद दिलाया कि मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी जल्द से जल्द सुनवाई का आदेश दिया है।


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हत्या की वजह छोटा राजन की जे डे से नाराजगी
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में हत्या की वजह डॉन छोटा राजन की जे डे से नाराजगी रही है। राजन का दावा था कि जे डे  उसके जानी दुश्मन माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम के राइट हैंड छोटा शकील को उसकी जानकारी दे रहे थे। छोटा राजन को  भारत लाने के बाद अब सीबीआई की चार्जशीट पर सबकी निगाहें लगी हैं। ऐसे में नए नाम का सुराग मिलने का दावा और भी दिलचस्प हो गया है।

कौन है वह नया शख्स?
हत्या की साजिश में शामिल या फिर उसे अंजाम देने में मददगार वह राजनीतिक शख्स है या फिर शातिर अपराधी? सीबीआई ने अभी इस रहस्य पर से पर्दा नहीं उठाया है। जाहिर है, कयासों का बाजार गर्म है।



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