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दही-हांडी को लेकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के मामले में 23 मंडलों के खिलाफ केस दर्ज

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दही-हांडी को लेकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के मामले में 23 मंडलों के खिलाफ केस दर्ज

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

मुंबई:

दही हांडी में मटकी फोड़ने के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ती रही, मुंबई पुलिस चुपचाप गोंविदाओं को देखते रही. उत्सव खत्म होने के बाद उसने लगभग 2 दर्जन मंडलों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

वहीं दही हांडी फोड़ने के दौरान गिरने से दो बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है. उल्लहासनगर में रहने वाला 12 साल का सुजल मटकी फोड़ने के दौरान तकरीबन 30 फीट की ऊंचाई से गिर गया. उसे सिर और पीठ में गंभीर चोट आईं. सुजल शताब्दी अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.

शताब्दी अस्पताल के डॉक्टर अशोक बोरिसा ने कहा, "उसे सिर में गंभीर चोट आई है, फिलहाल वो वेंटिलेटर पर है." वहीं सुजल की रिश्तेदार विमल आयोजकों पर जमकर बरसीं. उनका कहना था, "सुरक्षा के उपाय करने चाहिये, कम से कम सेफ्टी नेट. डॉक्टर हमारे बच्चे को बचाने की हर मुमकिन कोशिश करें." कांदिवली में 9 साल के धीरज की हालत भी कमोबेश ऐसे ही है.

गुरुवार को दही हांडी के दौरान 20 फीट ऊंचाई से लेकर 18 साल के खिलाड़ियों की ही भागीदारी जैसे सुप्रीम कोर्ट के नियमों को जमकर तोड़ा गया. शिवसेना के मंडल में सूरज घायल हुआ, इनाम में लाखों की रकम खर्च करने का दावा करने वाला मंडल इलाज के लिये सिर्फ 15000 रुपये खर्चने को तैयार था, लेकिन लोगों के दबाव में अब इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कह रहा है.


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उल्लहासनगर में शिवसेना नेता गोविंद चौधरी ने खुद का बचाव करते हुए कहा, "हम पूरा खर्च उठाएंगे." कानून तोड़ने वाले 23 मंडलों के खिलाफ मामला दर्ज हो गया और दोषी पाए जाने पर उन्हें 6 महीने की जेल हो सकती है. इस बात की पुष्टि करते हुए डीसीपी सुनील भारद्वाज ने कहा, "हमने उन मंडलों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिन्होंने कोर्ट के आदेश को तोड़ा है."

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया फिर भी नियम टूटे, पुलिस अब कार्रवाई की बात कह रही है, जब कई गोविंदा जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. पुलिस ने नियम तोड़ने वाले मंडलों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 (आदेश ना मानने), 336 (अपनी और दूसरों की जिंदगी खतरे में डालने) और 140 के तहत मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन बड़ा सवाल है कानून तोड़ने के वक्त सिर्फ वीडियो बनाने और बाद में कार्रवाई करना जायज है.



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