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प्रत्यूषा मामला अपराध शाखा को सौंपा जा सकता है : महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री पाटिल

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प्रत्यूषा मामला अपराध शाखा को सौंपा जा सकता है : महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री पाटिल

फाइल फोटो

मुंबई:

टेलीविजन अभिनेत्री प्रत्यूषा बनर्जी के अभिभावकों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर अपनी बेटी की मौत की जांच मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से कराने की मांग की है, जिसके बाद राज्य सरकार ने कहा कि ऐसा किया जा सकता है। प्रत्यूषा ने इस महीने के शुरू में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री रंजीत पाटिल ने यह स्पष्ट किया है कि इस मामले की तह तक जाना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने साथ ही कहा कि यदि पुलिस का काम उचित नहीं मिला तो उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

24 वर्षीय अभिनेत्री प्रत्यूषा गत एक अप्रैल को गोरेगांव स्थित अपने आवास पर पंखे से लटकी मिली थी। प्रत्यूषा को उसका ब्वायफ्रेंड एवं अभिनेता, निर्माता राहुल राज सिंह अंधेरी स्थित एक अस्पताल ले गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। बाद में राहुल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।

प्रत्यूषा की मां सोमा बनर्जी ने मुख्यमंत्री, पाटिल और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को लिखे पत्र में प्रत्यूषा की मौत के मामले की जांच मुम्बई पुलिस की अपराधा शाखा से कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रत्यूषा की मौत के लिए राहुल ही ‘‘पूरी तरह से जिम्मेदार’’ है।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांगुर नगर पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कराने की बजाय आरोपी को सबूत नष्ट करने का खुला मौका दे रही है। प्रत्यूषा का मामला बांगुर नगर पुलिस थाने में ही दर्ज हुआ है।

पाटिल ने कहा, ‘‘हमें पत्र मिल गया है और हमने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि मामले को उच्च प्राथमिकता के आधार पर लें। जरूरत हुई तो हमें मामले को अपराध शाखा को स्थानांतरित करने में कोई आपत्ति नहीं।’’ पाटिल ने कहा, ‘‘मैंने स्वयं संबंधित पुलिस अधिकारियों से बात की है और उनसे कहा है कि प्रत्यूषा की मां के पत्र का मतलब है कि उसके अभिभावक जांच से खुश नहीं हैं तथा इस दिशा में और अधिक करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि संदेश यह जाना चाहिए कि पुलिस मामले की युद्धस्तर पर जांच कर रही है और कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

मंत्री ने कहा, ‘‘यदि हमने पाया कि पुलिस प्रशासन अपना कार्य ठीक तरह से नहीं कर रहा है, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। यह उनका दृष्टिकोण है कि क्या करने की जरूरत है। हम उन्हें निर्देश नहीं देंगे कि क्या करना है बल्कि हम इस पर नजदीकी नजर रख रहे हैं कि क्या किया जा रहा है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘यदि जरूरी हुआ तो हम न केवल अपराध शाखा का इस्तेमाल करेंगे बल्कि अन्य उपाय भी करेंगे ताकि सच्चाई सामने आये।’’ अभिनेत्री की मां ने अपने पत्र में लिखा है, ‘‘..वह (प्रत्यूषा) राहुल राज सिंह की ठगी का शिकार हुई, जिसने न सिर्फ मेरी बेटी को धोखा दिया बल्कि उसकी मौत के लिए वह ही पूरी तरह से जिम्मेदार है, यही नहीं उसने उसकी तरह कई अन्य मासूम लड़कियों से लाखों रुपये की ठगी की है।’’

उन्होंने पत्र में कहा है, ‘‘वह (राहुल) हमें और गवाहों को धमका रहा है। मेरी बेटी की मौत को गलत रंग दिया जा रहा है और ऐसा बताया जा रहा है कि उसने अवसाद के कारण आत्महत्या की।’’ प्रत्यूषा की मां ने अपने पत्र में लिखा है, ‘‘हमारी आपसे अपील है कि मामले को निष्पक्ष जांच के लिए मुंबई अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए ताकि हमारी बेटी को असमय और रहस्यमय मौत के बाद इंसाफ मिल सके।’’ राहुल का कथित अवसाद के लिए गत तीन अप्रैल से बोरीवली स्थित एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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बम्बई उच्च न्यायालय ने गत मंगलवार को उसे 18 अप्रैल तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान कर दिया था।

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)



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