अजीत पवार के खिलाफ़ जांच तो आर आर पाटील ने शुरू कराई, मैंने नहीं : पृथ्वीराज चव्हाण

अजीत पवार के खिलाफ़ जांच तो आर आर पाटील ने शुरू कराई, मैंने नहीं : पृथ्वीराज चव्हाण

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण (फाइल फोटो)

मुंबई:

एनसीपी और कांग्रेस नेताओं के बीच की तल्खी चुनाव के दो साल बाद भी बरकरार दिख रही है. एनसीपी नेता प्रफुल पटेल के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि प्रफुल पटेल बोलने से पहले अपनी सूचना पुख़्ता करें.

हाल ही में विदर्भ के अकोला में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रफुल पटेल ने कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि, 2014 के विधानसभा चुनाव में काग्रेस खुद तो हारी ही, एनसीपी को भी हरा दिया. इस बात को और आगे ले जाते हुए पटेल ने आरोप लगाया कि, पृथ्वीराज चव्हाण ने एनसीपी नेताओं पर घपले में लिप्त होने के आरोप लगाकर पार्टी की छवि ख़राब की. चव्हाण ने पटेल के आरोपों को खारिज़ किया है.

पटेल के आरोपों का हफ्तेभर बाद मुंबई के अपने कार्यालय पर जवाब देते हुए चव्हाण बोले कि, सिंचाई घोटाले में एनसीपी नेता अजीत पवार और सुनील तटकरे के खिलाफ़ एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच कराने आदेश तो तत्कालीन गृहमंत्री आर आर पाटील ने दिया था, उन्होंने नहीं. और जैसे की पूर्व गृहमंत्री पाटील का स्वभाव था. उन्होंने कोई भी फैसला आलाकमान के कहने के बजाय किया नहीं होगा. यहां पर बता दें कि, आर आर पाटील का निधन हो चुका है.

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चव्हाण ने यह भी कहा कि आर आर पाटील को ऐसी भी क्या जल्दी थी कि उन्होंने 20 सितम्बर 2014 को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने से हफ्तेभर पहले तेज़ी दिखाकर अपनी ही पार्टी के अजीत पवार और सुनील तटकरे इन नेताओं के खिलाफ़ जांच के आदेश दिए. ऐसे में एनसीपी की छवि ख़राब करने का आरोप मुझपर लगाने से पहले प्रफुल पटेल अपनी जानकारी पुख़्ता कर लें.

जाते जाते चव्हाण ने यह भी तंज कस दिया कि एनसीपी नेता छगन भुजबल और रमेश कदम करोड़ों रुपये के घोटालों के चलते जेल में है. क्या उस के लिए भी अब मुझे ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा?