NDTV Khabar

महाराष्‍ट्र : सरकारी आदेश के बाद भी कम नहीं हुआ बच्‍चों के स्‍कूल बैग का 'बोझ'

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
महाराष्‍ट्र : सरकारी आदेश के बाद भी कम नहीं हुआ बच्‍चों के स्‍कूल बैग का 'बोझ'

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर...

मुंबई:

महाराष्ट्र सरकार ने स्कूली बैग के वज़न को कम करने के लिए जुलाई में एक जीआर पारित किया था। स्कूलों को बैग के वज़न कम करने के लिए कदम उठाने के आदेश दिए गए थे। सभी स्कूलों को इसके लिए 3 महीने का वक़्त भी दिया गया। स्कूलों को दिया हुआ वक़्त ख़त्म हो चुका है, लेकिन हालात अभी भी वही हैं।

जीआर में सभी स्कूलों को साफ़ कहा गया कि बैग का वज़न कम नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। इसकी तामील करने के लिए स्कूलों को तीन महीने की मोहलत दी गई थी। 30 नवंबर को यह मोहलत खत्म हो गई, लेकिन कुछ नहीं बदला है।

टिप्पणियां

बैग का वजन कम कैसे हो इसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई थी। कमेटी के अनुसार बैग का वजन बच्चे के वजन का सिर्फ़ 10 फीसदी होना चाहिए और पहली से लेकर आठवीं क्लास के बच्चों के बैग का वजन 1800 ग्राम से लेकर सर्फ़ साढ़े तीन किलो ही होना चाहिए।


कई बच्चों के माता-पिता का कहना है कि स्कूलों ने बैग का वज़न कम करने के लिए कदम नहीं उठाए। सरकार का कहना है कि सभी स्कूलों को नोटिस दिए गए हैं। तीन महीनों के दौरान कई सर्कुलर भी भेजे गए, लेकिन स्कूल के बस्तों का वज़न देख कर अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं कि इन सर्कुलर और नोटिसों का कितना असर हुआ है। शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े का कहना है कि वह स्कूलों से इस बारे में बातचीत करना चाहेंगे।



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement