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मुंबई की 'विक्टोरियन गोथिक’ और ‘आर्ट डेको’ यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल

एलिफेंटा गुफाओं और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन के बाद 'विक्टोरियन गोथिक’ और ‘आर्ट डेको’ को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया जाना मुंबई को मिला तीसरा ऐसा सम्मान है.

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मुंबई की 'विक्टोरियन गोथिक’ और ‘आर्ट डेको’ यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल
नई दिल्ली/मुंबई: भारत को दोहरी खुशी देते हुए यूनेस्को ने मुंबई की 'विक्टोरियन गोथिक’ और ‘आर्ट डेको’ इमारतों को शनिवार को विश्व धरोहर स्थलों की अपनी सूची में शामिल किया. यूनेस्को के इस फैसले से वैश्विक सांस्कृति मानचित्र पर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का प्रभाव बढ़ना तय है. एलिफेंटा गुफाओं और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन (विक्टोरिया टर्मिनस) के बाद 'विक्टोरियन गोथिक’ और ‘आर्ट डेको’ को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया जाना मुंबई को मिला तीसरा ऐसा सम्मान है. एलिफेंटा गुफाओं को 1987 और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन को 2004 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था. यूनेस्को ने ट्वीट किया, ‘‘अभी-अभी यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया : मुंबई का ‘विक्टोरियन गोथिक’ और ‘आर्ट डेको’ एनसेंबल्स. भारत को बधाई.’’

यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 42वें सत्र में यह फैसला किया गया. यह बैठक बहरीन के मनामा में चल रही है. मुंबई के 'विक्टोरियन गोथिक’ और ‘आर्ट डेको’ को विश्व धरोहर स्थलों की सूची में नामांकित करने के प्रस्ताव संबंधी दस्तावेज तैयार करने वाली संरक्षण वास्तुविद आभा नारायण लांबा ने कहा कि यह मुंबई और भारत के लिए बड़े सम्मान की बात है. लांबा ने मनामा से फोन पर बताया, ‘‘ये इमारतें भव्य वास्तुकला शैलियों में बनी हैं. वे देश के एक जीवंत धरोहर और करीब दो सदियों में शहर के विकास के परिदृश्य का प्रतिनिधित्व करती हैं. इससे ‘वित्तीय शह’ के तौर पर मशहूर मुंबई को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर प्रमुख जगह मिली है.’’
 
marine drive (afp)

उन्होंने बताया, ‘‘विश्व धरोहर समिति में सभी 21 देशों ने नामांकन का समर्थन किया जो बहुत दुर्लभ है. अजरबैजान ने इसे ‘बेहतरीन’ दस्तावेज करार दिया और पर्यवेक्षक देश के रूप में फ्रांस ने इसे ‘शानदार’ करार दिया.’’ भारत ने इस फैसले को ‘‘उल्लेखनीय उपलब्धि’’ करार दिया. केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय ने कहा कि यूनेस्को के इस तमगे से देश में विश्व धरोहर स्थलों की संख्या बढ़कर अब 37 हो गई है जिनमें 29 सांस्कृतिक, सात प्राकृतिक और एक मिश्रित स्थल हैं.

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केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री महेश शर्मा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मुंबई और पूरे देश के लोगों को बधाई दी. शर्मा ने कहा, ‘‘19:38 30-06-2018 मुंबई शहर के धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलना देश के लिए बड़े गर्व की बात है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को कई तरीके से मजबूती मिलेगी.’’ दिल्ली की तरह अब मुंबई में भी तीन विश्व धरोहर स्थल हो गए हैं. दिल्ली में लाल किला, कुतुब मीनार और हुमायूं का मकबरा विश्व धरोहर स्थल हैं. पिछले साल गुजरात के अहमदाबाद को विश्व धरोहर शहर घोषित किया गया था. अहमदाबाद विश्व धरोहर शहर घोषित किया जाने वाला भारत का पहला शहर है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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