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मुंबई में सेबी की अदालत में पेश हुए सुब्रत रॉय, अगली पेशी पर तय हो सकते हैं आरोप

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मुंबई में सेबी की अदालत में पेश हुए सुब्रत रॉय, अगली पेशी पर तय हो सकते हैं आरोप

सुब्रत रॉय मुंबई में सेबी के कोर्ट में पेश हुए.

नई दिल्ली: सहारा समूह के मालिक सुब्रत रॉय शुक्रवार को मुंबई में सेबी की अदालत में पेश हुए. सत्र न्यायालय में बनी सेबी की अदालत ने 31 मार्च को सुब्रत रॉय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. अदालत में सहारा के वकीलों ने गैर जमानती वारंट निरस्त करने की अर्जी दी. अदालत ने इस शर्त पर कि जब भी जरूरत होगी सुब्रत रॉय को अदालत में हाजिर रहना होगा, उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट निरस्त कर दिया. अदालत में सुब्रत रॉय के बेटे सीमांतो भी उपस्थित थे.

मामले में सुब्रत रॉय के वकील धनंजय दुबे ने बताया कि गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की गई थी. हाई कोर्ट ने सेबी कोर्ट में ही हाजिर होकर वारंट वापस लेने के लिए निवेदन करने का आदेश दिया था साथ ही सेबी से भी कहा था कि वो वारंट रद्द करने का विरोध ना करे.  अदालत के आदेश पर सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय ने बांड भर कर औपचारिकता पूरी कर दी .  2 लाख रुपये की सिक्योरिटी की औपचारिकता भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी.

मामले में सुब्रत रॉय सहित अशोक चौधरी, रविशंकर दुबे, वंदना भार्गव भी आरोपी हैं. मामला 2009 का है, जब सहारा ग्रुप ने
सहारा हाउसिंग और सहारा  रियल इस्टेट के नाम पर डिबेंचर जारी किया था लेकिन उसके लिए सेबी की जरूरी अनुमति नहीं ली थी.
कंपनी ने 3 करोड़ से भी ज्यादा निवेशकों ने 5 -5 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपाजिट ली थी. जबकि कानून है कि 50 से ज्यादा निवेशकों के पैसे जमा करने पर स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर्ड करना होता है और उसके लिए सेबी की अनुमति लेनी पड़ती है.
एक अनुमान के मुताबिक सहारा ने डिबेंचर के जरिए तकरीबन 24 हजार करोड़ रुपये जमा किए.

सेबी एक्ट और कंपनी एक्ट का उलंघन करने के इस मुकदमे में 18 मई को आरोप तय हो सकता है.सेबी सूत्रों ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में जो मामला है वो रुपयों की रिकवरी का है जबकि यहां अपराधिक मामले की सुनवाई हो रही है. दोषी पाए जाने पर 10 साल की सजा का प्रावधान है.


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