NDTV Khabar

जेल से निकलते ही संजय दत्त के तिरंगे को सलाम करने में छिपा पैगाम

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
जेल से निकलते ही संजय दत्त के तिरंगे को सलाम करने में छिपा पैगाम

यरवडा जेल से रिहा हुए अभिनेता संजय दत्त

मुंबई:

अभिनेता संजय दत्त ने पुणे में यरवडा जेल से निकलते ही सबसे पहले राष्ट्रध्वज को सलाम किया। संजय का ये अंदाज हैरान करने वाला था क्योंकि इसके पहले शायद ही किसी मुजरिम ने सजा पूरी होने के बाद जेल से बाहर निकल कर तिरंगे को सलाम किया होगा। खुद संजय दत्त इसके पहले साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जब यरवडा जेल से बाहर निकले थे तब उन्होंने तिरंगे को सलाम नहीं किया था। प्लास्टिक की थैली में अपना सामान उठाये अपने दोस्त युसूफ नलवाला के साथ वो सीधे बाहर निकल गये थे।

सवाल उठ रहा है कि मुन्ना भाई ने ये सहज ही किया या फिर सबकुछ पहले ही तय था? कहा तो ये भी जा रहा है कि ये सलामी संजय के बायोपिक का एक अहम हिस्सा बन सकती है। क्योंकि जेल के बाहर मुन्ना भाई का स्वागत करने खुद राजकुमार हिरानी भी मौजूद थे। निर्माता निर्देक राजकुमार हिरानी संजय दत्त की निजी जिंदगी को सैल्यूलाइड पर उतार रहे हैं।

दूसरे संजय दत्त को भले ही टाडा जज प्रमोद कोदे ने टाडा के आरोप से बरी कर दिया था। लेकिन जांच और मुक़दमे के दौरान जिस तरह से संजय दत्त का नाम 1993 बम धमाकों से जुड़ा था वो संजय दत्त के माथे पर एक कलंक की तरह था।


बरी होने के बाद भी वो दाग उनका पीछा करता रहा। जबकि अदालत ने संजू बाबा को सिर्फ हथियार रखने के आरोप में सजा सुनाई थी। जब भी कभी संजय दत्त पैरोल और फरलो पर जेल से छूट कर आते तो मीडिया में उनका उल्लेख 1993 बम धमाकों से जोड़कर ही होता। आम आदमी के लिए तो कानून की इस बारीकी को समझना और भी मुश्किल है। यही वजह है कि 25 फरवरी को संजय दत्त की रिहाई के पहले और बाद में कुछ लोग देशद्रोही लिखे बैनर लेकर उनकी रिहाई का विरोध करते भी दिखे।

साफ है ये बात संजय के मन को सालों से कचोट रही थी। जिसका उल्लेख अपने घर पर पत्रकारों से बात करते हुये संजय ने खुद किया। मुन्ना भाई का मीडिया से ये निवेदन कि कृपा कर के उनका नाम 1993 बम धमाकों से ना जोड़ें, अपने आप में काफी कुछ बयां कर जाता है।

टिप्पणियां

जाहिर है संजय दत्त को खुद को देशभक्त साबित करने के लिए एक प्रतीक की जरूरत थी जिससे पूरे देश में ये सन्देश जाये कि वो देशभक्ति में किसी से कम नहीं हैं। इसके लिए उन्हें इससे उचित मौका मिल नहीं सकता था। शायद इसलिए इस मौके को भुनाने के लिए पीआर एजेंसी की मदद ली गई और मुन्ना भाई की एक नई छवि बनाने का पूरा खाका तैयार किया गया। जिसमें संजय दत्त की जेल से रिहाई के साथ चार्टर प्लेन से मुंबई आने। मुंबई आकर सबसे पहले सिद्धिविनायक मंदिर और फिर मां नरगिस की कब्र पर जाने का जिक्र था।

तो क्या जेल से बाहर निकलते ही धरती को छूने और राष्ट्रध्वज को सलामी की बात जानबूझ कर गुप्त रखी गई ताकि वो सहज लगे लेकिन सबको हैरान कर जाये और खबर बने? वर्तमान में देशभक्त और देशद्रोह के मुद्दे पर उलझे देश में मुन्ना भाई का ये अंदाज सबके मन पर प्रभाव छोड़ गया।



NDTV.in पर विधानसभा चुनाव 2019 (Assembly Elections 2019) के तहत हरियाणा (Haryana) एवं महाराष्ट्र (Maharashtra) में होने जा रहे चुनाव से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरें (Election News in Hindi), LIVE TV कवरेज, वीडियो, फोटो गैलरी तथा अन्य हिन्दी अपडेट (Hindi News) हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement