बाल ठाकरे के बेटे जयदेव ने कहा- ऐश्वर्य उनका बेटा नहीं, अब कोर्ट में बंद कमरे में होगी गवाही

बाल ठाकरे के बेटे जयदेव ने कहा- ऐश्वर्य उनका बेटा नहीं, अब कोर्ट में बंद कमरे में होगी गवाही

बाल ठाकरे की फाइल तस्वीर

खास बातें

  • जयदेव ठाकरे ने बाल ठाकरे की वसीयत को दी है चुनौती
  • ऐश्वर्य का नाम वसीयत में शामिल है और उन्हें संपत्ति का हिस्सा मिला है
  • जयदेव कहा- यह स्थिति स्पष्ट करना चाहता था, लेकिन मौका नहीं मिला
मुंबई:

बाल ठाकरे की वसीयत को लेकर छिड़ी जंग बुधवार को उस समय और बढ़ गई, जब उनके बेटे जयदेव ठाकरे ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दावा किया कि उनकी पूर्व पत्नी स्मिता का बेटा ऐश्वर्य ठाकरे उनकी संतान नहीं है।

बाल ठाकरे से अलग रहने वाले बेटे जयदेव से फिलहाल उनके भाई और शिवसेना के वर्तमान प्रमुख उद्धव ठाकरे के वकील द्वारा जिरह की जा रही है। जयदेव ने बाल ठाकरे की वसीयत को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें संपत्ति का कोई हिस्सा नहीं दिया गया है। ऐश्वर्य का नाम वसीयत में शामिल है और उन्हें संपत्ति का हिस्सा मिला है।

उनके फ्लैट और ठाकरे के आवास 'मातोश्री' के बीच उनके आने जाने से जुड़े सवाल पर जयदेव ने कहा कि वर्ष 2004 के बाद वह जब भी जाते थे, तो मातोश्री की दूसरी मंजिल पर रुकते थे, क्योंकि पहली मंजिल पर 'कोई अज्ञात व्यक्ति' रहता था।

अधिवक्ता कपाड़िया  ने पूछा, 'क्या ऐश्वर्य आपका बेटा है?' जयदेव ने कहा कि नहीं, वह नहीं है। असल में, मैं काफी समय से ऐश्वर्य के पितृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट करना चाहता था, लेकिन मौका नहीं मिला।

इससे पहले उद्धव के वकील रोहित कपाड़िया ने जब जयदेव से पूछा था कि यह व्यक्ति कौन था, तो जयदेव ने कहा, 'पहली मंजिल पर अक्सर ताला लगा रहता था। जब ऐसा नहीं होता था तो कोई अज्ञात व्यक्ति वहां रहा करते थे। मुझे व्यक्ति के बारे में नहीं पता था और जब मैंने अपने पिता से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐश्वर्य नाम का कोई व्यक्ति वहां रहता है।'
 

जयदेव ठाकरे ने बुधवार को हाई कोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया (फाइल फोटो)

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इस बिन्दु पर न्यायमूर्ति गौतम पटेल ने जयदेव को और कुछ बोलने से रोका और अदालत की कार्यवाही लंच तक स्थगित हुई। जब अदालत की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, न्यायमूर्ति पटेल ने दोनों पक्षों के वकीलों के साथ संक्षिप्त बैठक करके घोषणा की कि बाकी की गवाही अगले आदेश तक सार्वजनिक रूप से नहीं होगी।