बीएमसी चुनाव में जीते शिवसेना के मुस्लिम उम्‍मीदवारों ने पार्टी को बताया समुदाय का सच्‍चा हमदर्द

बीएमसी चुनाव में जीते शिवसेना के मुस्लिम उम्‍मीदवारों ने पार्टी को बताया समुदाय का सच्‍चा हमदर्द

खास बातें

  • 'शिवसेना हर मुस्लिम को देश के प्रति वफादार होने को प्रोत्साहित करती है'
  • 'कांग्रेस मुस्लिमों को मात्र वोट बैंक से ज्यादा कुछ नहीं समझती है'
  • 'हमारी एक प्रमुख मस्जिद तब बन पाई थी जब बालासाहेबजी ने मदद की'
मुंबई:

‘हिन्दुत्व’ की विचारधारा के लिए पहचानी जाने वाली शिवसेना ने शहर के दो मुस्लिम इलाकों में पैठ बनाई है जहां से जीते उम्मीदवारों ने इस भगवा पार्टी को समुदाय का ‘सच्चा हमदर्द’ करार दिया है. पार्टी ने मुंबई नगर निकाय चुनाव में 84 सीटें जीतीं हैं. पार्टी ने पांच मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था जिसमें से एक बांद्रा इलाके के बेहरामपाड़ा से और दूसरे उपनगरीय अमबोली और जोगेश्वरी का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वार्ड से जीते हैं. बांद्रा (पूर्व) के बहरमपाड़ा के वार्ड संख्या 96 से जीते शिवसेना प्रत्याशी हाजी हलीम खान (35) ने आरोप लगाया कि पार्टी को मुस्लिम विरोधी के तौर पर पेश करना कुछ तबकों का काम है. उन्होंने कहा, ‘यह कहना कि शिवसेना मुस्लिम विरोधी है बकवास है और मुसलमानों में शिवसेना को खराब तरीके से पेश करना समाज के कुछ तबकों का काम है. शिवसेना हमेशा समस्याओं का हल करने में मदद करती है. वे हमारे सच्चे हमदर्द हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह याद आता है कि हमारी एक प्रमुख मस्जिद तब बन पाई थी जब बालासाहेबजी ने मदद की.’’ पेशे से टूर ऑपरेटर, खान ने मुस्लिम बहुल वार्ड में शिवसेना को पहली बार जीत दिलाई है जो कांग्रेस का गढ़ रहा है. उन्होंने कांग्रेस पर समुदाय को वोट बैंक समझने का आरोप लगाया.

खान ने कहा, ‘‘कांग्रेस मुस्लिमों को मात्र वोट बैंक से ज्यादा कुछ नहीं समझती है, जबकि शिवसेना हर मुस्लिम को देश के प्रति वफादार होने को प्रोत्साहित करती है. बालासाहेब ने हमेशा सच्चे मुसलमान की तारीफ की है.’’ उपनगरीय अमबोली और जोगेश्वरी का प्रतिनिधित्व करने वाले वार्ड संख्या 64 से जीती शाहिदा खान (52) ने खान के ही विचारों को दोहराया और कहा कि शिवसेना हमेशा समुदाय के लोगों की मदद करती है जो भी उसके पास वास्तविक समस्या लेकर पहुंचता है.

(इनपुट भाषा से...)

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