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चीन ने नाथूला-पास से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रोक लगाई, करीब सौ यात्री गंगटोक में रुके

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने डोकालाला इलाके में भारत के बंकरों में तोड़फोड़ की

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चीन ने नाथूला-पास से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रोक लगाई, करीब सौ यात्री गंगटोक में रुके

नाथुला पास से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर चीन ने रोक लगा दी है.

खास बातें

  1. समस्या न सुलझने पर यात्रियों को गंगटोक लाया गया
  2. सरकार ने मामले को चीन के समक्ष उठाया
  3. यात्रियों ने इंटरनेट पर भी अपनी बात कही
नई दिल्ली: चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा में रोक लगा  दी है. चीन ने भारतीय तीर्थयात्रियों के दो जत्थों को नाथूला-पास से आगे नहीं बढ़ने दिया है. इसके बाद दो दिन तक यात्री वहीं इंतज़ार करते रहे.जब इजाजत नहीं मिली तो यात्रियों को गंगटोक लाया गया है .

सूत्रों के हवाले से  पता चला है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने डोकालाला इलाके में भारत के बंकरों में तोड़फोड़ भी की है. इससे वहां तनाव पैदा हो गया है. भारत ने करीब 10 दिन पहले ही इन बंकरों को रिपेयर किया था. इस बारे में न तो सेना और न आईटीबीपी कुछ कहने को तैयार है.

यह स्थान भारत, चीन और भूटान का ट्राई-जंक्शन है.

समस्या का समाधान न होने के कारण अब यात्रियों को वापस गंगटोक लाया गया है. फिलहाल गंगटोक में करीब 100 तीर्थ यात्री फंसे हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक जब तक मामला सुलझेगा नहीं तब तक इस रास्ते से फिलहाल और जत्थे को नहीं भेजा जाएगा.

नाथूला में फंसे तीर्थ यात्रियों ने इंटरनेट पर भी अपनी बात कही है. इसके बाद आम लोगों को यह बात पता चली है.

सरकार ने मामले को चीन के समक्ष उठाया है. अभी तक चीन की तरफ से यात्रा रोकने का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है. विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि यात्रा में कुछ परेशानी आ रही है जिसे जल्द सुलझा लिया जाएगा. इस बारे मे सिक्किम के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से भी बात की है.

यह रास्ता भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए 2015 मे खोला गया था. नाथूला पास को पार करने के बाद यात्रियों को चीन के वाहन से कैलाश तक ले जाया जाता है.

आपको बता दें कि चीन ने यह हरकत ऐसे समय की है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं.

वैसे उत्तराखंड की ओर से
कैलाश मानसरोवर जाने का पारंपरिक रास्ता अभी भी खुला हुआ है. इस रास्ते मे यात्रियों को पैदल चलना होता है जबकि नाथूला वाला रास्ता वाहन मार्ग से जुड़ा है.

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इस मामले को भारत ने बीजिंग के समक्ष उठाया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि नाथूला के रास्ते तीर्थयात्रियों की आवाजाही में कुछ कठिनाइयां पेश आ रहीं हैं. उन्होंने कहा कि इस बारे में चीनी पक्ष से बातचीत चल रही है.

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में सीपीईसी और भारत की एनएसजी की सदस्यता के प्रयास समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है.
(इनपुट एजेंसी से भी)


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