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अब तक नहीं हो सका गैंंगस्टर आनंदपाल सिंह का अंतिम संस्कार, राजस्थान सरकार के लिए बना सिरदर्द

मृतक आंनदपाल सिंह का शव उसके पैतृक आवास सावंराद गांव में ​उसके घर पर एक जुलाई से डीपफ्रीजर में रखा हुआ है.

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अब तक नहीं हो सका गैंंगस्टर आनंदपाल सिंह का अंतिम संस्कार, राजस्थान सरकार के लिए बना सिरदर्द

खास बातें

  1. अभी तक सरकार आनंदपाल का अंतिम संस्कार नहीं करवा पाई है
  2. परिजन कर रहे हैं मुठभेड़ की सीबीआई से जांच करवाने की मांग
  3. आंनदपाल सिंह का शव उसके घर पर एक जुलाई से डीपफ्रीजर में
जयपुर:

राजस्थान सरकार के लिए पुलिस मुठभेड में गत 24 जून को मारे गए कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह का अंतिम संस्कार सिर दर्द बन गया है. अभी तक सरकार अंतिम संस्कार नहीं करवा पाई है. अब सरकार की निगाहें आनंदपाल सिंह के पैतृक गांव सावंराद में राजपूत और रावणा राजपूत समाज द्वारा कल बुधवार को प्रस्तावित हुंकार रैली और श्रंद्वाजंलि सभा पर टिकी हुई है. मृतक आनंदपाल सिंह के परिजन पुलिस मुठभेड़ पर सवालिया निशान लगाते हुए सीबीआई से जांच करवाने और जेल में बंद मृतक के भाई को अन्तिम संस्कार के लिए जमानत पर रिहा करने समेत अन्य मांग सरकार के समक्ष पेश कर कहा है कि जब तक यह मांगे स्वीकार नहीं की जाएगी, शव का अन्तिम संस्कार नहीं किया जाएगा. मृतक आंनदपाल सिंह का शव उसके पैतृक आवास सावंराद गांव में ​उसके घर पर एक जुलाई से डीपफ्रीजर में रखा हुआ है.

पुलिस एवं अधिकारिक सूत्रों ने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात अपराधी आनंद पाल सिंह के अन्तिम संस्कार को लेकर आज संपर्क करने पर कहा हमारा ध्यान अभी कल सावंराद में राजपूत सभा की ओर से होने वाली रैली पर लगा हुआ है, इस आयोजन के बाद ही इस बारे में स्थिति साफ होगी. राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) दीपक उप्रेति की अध्यक्षता में कल जयपुर में हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित हुंकार रैली के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने और कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह के शव के अन्तिम संस्कार को लेकर विचार विमर्श हुआ.


राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने आनंदपाल सिंह के अन्तिम संस्कार और कल प्रस्तावित श्रंद्वाजलि सभा को लेकर कुछ भी बोलने से बचते हुए कहा, "मेरा स्वास्थ्य खराब है मैं तो घर पर आराम कर रहा हूं." भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह की पुलिस मुठभेड़ मामले की सीबीआई जांच के मुद्दे पर कहा कि राजस्थान सरकार ने राजपूत समाज के प्रतिनिधियों को इस मामले की एसआईटी जांच का प्रस्ताव रखा था.  

राजस्थान राजपूत करणी सेना के संयोजक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने राजपूत समाज की ओर से सावंराद में प्रस्तावित हुंकार रैली और श्रंद्वाजलि सभा में काफी संख्या में लोगों के भाग लेने का दावा करते हुए कहा कि सरकार ने पुलिस मुठभेड प्रकरण की जांच सीबीआई से जांच करवाने की मांग मंजूर कर ली तो संभवत: आनंदपाल सिंह के शव का अन्ति​म संस्कार कल संभव है. यदि सरकार ने मांग मंजूर नहीं की तो समाज बैठक में विचार कर अगला कदम तय करेगा. 

इधर, राजस्थान सरकार ने राजपूत समाज की सावंराद में प्रस्तावित हुंकार रैली को देखते हुए सुरक्षा के तगड़े उपाय ​किये है. राजस्थान के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं सुरक्षा) एनआर के रेड्डी के अनुसार नागौर जिले के सावंरदा में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है. नागौर, चूरू, बीकानेर और सीकर में ऐहतियात के तौर पर धारा 144 लागू कर हथियार लेकर चलने और एक समूह में पांच से अधिक वाहन ले जाने पर रोक लगा दी गई है. हालांकि नागौर जिला प्रशासन ने सावंराद में श्रद्वाजंलि सभ्राा करने की अनुमति दे दी है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार नागौर और बीकानेर जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने आज शाम पांच बजे से कल शाम तक नागौर और बीकानेर जिले में इंटरनेट पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. आदेश की पालन नहीं करने पर इंटरनेट प्रोवाइडर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.

याद रहे कि कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह करीब डेढ साल पूर्व एक अदालत में पेशी के बाद अजमेर केन्द्रीय कारागृह लौटते समय सुरक्षाकर्मियों की कथित मिलीभगत से फरार हो गया था. राजस्थान पुलिस की विशेष अभियान समूह ने गत 24 जून को एक मुठभेड में आनंदपाल सिंह को मार गिराया था. पुलिस ने अगले दिन 25 जून को शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को शव लेने के लिए पुलिस नियमों के तहत नोटिस जारी किया, बावजूद परिजनों ने पुलिस मुठभेड की सीबीआई से जांच करवाने के आदेश नहीं होने तक शव लेने से इंकार कर दिया था.

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परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम पर सवाल उठाते हुए अदालत में तय मापदंड के अनुरूप पोस्टमार्टम नहीं होने की याचिका दायर की. चूरू जिले की रतनगढ़ की एक अदालत ने 29 जून को याचिका पर सुनवाई कर पुलिस को जिला स्तरीय अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाने के आदेश दिए थे. पुलिस ने 30 जून को शव का दोबारा पोस्टमार्टम करवाने के बाद देर रात एक जुलाई को नागौर पुलिस ने अन्तिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया. लेकिन परिजन पुलिस मुठभेड प्रकरण की जांच सीबीआई से होने के आदेश जारी होने के बाद ही अन्तिम संस्कार करने पर अडे़ हुए है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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