भारत के बाद अब ऑस्‍ट्रेलिया भी कर सकता है बर्मिंघम कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स का बायकॉट, यह है वजह...

भारत के बाद अब ऑस्‍ट्रेलिया भी कर सकता है बर्मिंघम कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स का बायकॉट, यह है वजह...

बर्मिंघम में 2022 में होने वाले कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में निशानेबाजी (Shooting) शामिल नहीं होगी

खास बातें

  • बर्मिंघम कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में शूटिंग शामिल नहीं
  • भारत में उठ रही हैं इन गेम्‍स के बॉयकॉट की मांग
  • भारत की इस मांग के समर्थन में ऑस्‍ट्रेलिया भी आया
मेलबर्न:

निशानेबाजी (Shooting)को बर्मिंघम कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स-2022 (Commonwealth Games 2022) में शामिल न करने पर अब भारत (India)के बाद ऑस्ट्रेलिया (Australia) भी इस अहम टूर्नामेंट का बहिष्कार कर सकता है. कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स फेडरेशन (CGF) ने जून में फैसला किया था कि बर्मिघम में 2022 में होने वाले खेलों में निशानेबाजी (Shooting) को जगह नहीं दी जाएगी. वर्ष 1970 के बाद से ऐसा पहली बार होगा कि कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स (Commonwealth Games) में निशानेबाजी के मुकाबले नहीं होंगे. सीजीएफ के इस फैसले के बाद भारत में बर्मिंघम कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के बहिष्कार की मांग उठने लगी है. दिग्गज निशानेबाज हीना सिद्धू (Heena Sidhu)ने हाल ही में कहा था कि भारत को 2022 में बर्मिघम में होने वाले कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स (Birmingham Commonwealth Games 2022) के बहिष्कार के बारे में विचार करना चाहिए. हिना के बयान के बाद भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने कहा था कि खेलों का बहिष्कार एक विकल्प हो सकता है.वैसे, भारत और ऑस्‍ट्रेलिया की बहिष्कार की धमकी के बावजूद राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के प्रमुख लुई मार्टिन ने दो टूक अंदाज में कहा है कि निशानेबाजी 2022 बर्मिंघम खेलों का हिस्सा नहीं होगी.

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भारत के बाद अब ऑस्ट्रेलिया भी इस मांग में शामिल हो गया है. शूटर्स यूनियन ऑस्ट्रेलिया (एसयूए) ने इसकी मांग की है. यह एक लॉबी समूह है जो ऑस्ट्रेलिया में हजारों बंदूक मालिकों और लोगों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है और यह अमेरिका में राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन से संबद्ध है. गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में तीन स्वर्ण पदक सहित 9 मेडल जीते थे और वह भारत के बाद दूसरे सबसे ज्यादा पदक जीतने वाला देश था. एसयूए के अध्यक्ष ग्राहम पार्क ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया को 2022 कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में निशानेबाजी को फिर से शामिल करने की मांग में भारत के साथ खड़ा होना चाहिए. अगर वह ऐसा नहीं करता है तो इसका बहिष्कार करने के लिए तैयार रहें."

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पार्क ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया को विश्व स्तर पर इसकी खेल उपलब्धियों के लिए जाना जाता है और मनमाने ढंग से हमारे शीर्ष निशानेबाजों को संभावित स्थान से वंचित करना हमारे एथलीटों के लिए सही नही है जो कड़ी मेहनत करते हैं. इससे पता चलता है कि सरकार आपके खेल के बारे में नहीं सोचती है. यह हमारे लिए मेडल की संभावना को कम करता है जोकि हमारी राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सवाल है." ऑस्ट्रेलियाई निशानेबाजी टीम की पूर्व मैनेजर जैन लिंसले ने दावा किया कि बर्मिंघम 2022 (Birmingham Commonwealth Games 2022) से निशानेबाजी को हटाने से ऑस्ट्रेलिया में खेलों के भविष्य पर  गलत प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा, "जाहिर है कि अगर बर्मिंघम खेलों में निशानेबाजी नहीं होती है तो ऑस्ट्रेलिया में शीर्ष स्तर की निशानेबाजी ट्रेनिंग के लिए धन कम हो जाएगा. इससे ओलिंपिक के लिए निशानेबाजों को तैयार करने और उन्हें पदक जीतने के योग्य बनाने की हमारी कोशिशों को काफी बड़ा धक्का लगेगा."

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)