Budget 2020: ओलिंपिक के साल सरकार ने खेलों को दिया ऊंट के मुंह में जीरा, इस पहलू से हैं सभी हैरान

ध्यान दिला दें कि इस साल जापान में 24 जुलाई से 9 अगस्त तक 32वें ओलिंपिक खेलों का आयोजन होना है. और उम्मीद है कि प्रतियोगिता के पास आने तक अच्छी-खासी संख्या में भारतीय दल जापान जाएगा.

Budget 2020: ओलिंपिक के साल सरकार ने खेलों को दिया ऊंट के मुंह में जीरा, इस पहलू से हैं सभी हैरान

खेलों की प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

एक ऐसे साल जब भारत के तमाम खिलाड़ी जापान में होने वाले ओलिंपिक खेलों की तैयारियों में जुटे हैं. और सभी खेलप्रेमी उम्मीद कर रहे थे कि इस साल खेल बजट (Sports Budget) पर सरकार अच्छी-खासी रकम खर्च करेगी, लेकिन उम्मीदों के हिसाब से सरकारी की यह रकम ऊंट के मुंह में जीरे से ज्यादा नहीं दिखाई पड़ रही है. निश्चित तौर पर खेल प्रशासक और खिलाड़ी इस रकम को लेकर खासे निराश होंगे. वहीं, इस बजट में एक और पहलू है, जिससे खिलाड़ी निराश हैं. खासतौर पर वे खिलाड़ी, जो महाकुंभ ओलिंपिक या एशियाई खेलो की तैयारियों में जुटे हुए हैं. 

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ध्यान दिला दें कि इस साल जापान में 24 जुलाई से 9 अगस्त तक 32वें ओलिंपिक खेलों का आयोजन होना है. और उम्मीद है कि प्रतियोगिता के पास आने तक अच्छी-खासी संख्या में भारतीय दल जापान जाएगा. हालांकि, खिलाड़ियों की तैयारियों के लिए सरकार मदद दे रही है, लेकिन देश में आधारभूत ढांचे या विकास को देखते हुए बढ़ी हुयी राशि बहुत ही मामूली है. बता दें कि सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए खेलों के लिए 2826.92 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है

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इसमें से सरकार ने 291.42 करोड़ रुपये अपनी मुख्य खेल योजना खेलो इंडिया के लिए रखा है. इसका मकसद जमीनी स्तर पर खेलों का विकास करना है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि ओलिंपिक साल में खिलाड़ियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में कटौती कर दी गई है. ओलिंपिक साल में प्रोत्साहन राशि को घटाकर 111 से 70 करोड़ रुपये कर दिया गया है और यह वह बात है, जिस पर सभी हैरान हैं. 

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सरकार ने स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया को दी जाने वाली रकम को भी घटा दिया गया है. अब यह रकम 615 से घटाकर 500 करोड़ कर दी गई है. साई खिलाड़ियों के लिए शिविरों का आयोजन, ढांचागत सुविधा प्रदान करना, खेल उपकरण सहित कई पहलुओं पर रकम खर्च करती है.