एशियाड की मेडल विनर सुधा सिंह बोलीं, नौकरी की राह में रोड़ा बना यूपी का खेल विभाग..

एशियाड की मेडल विनर सुधा सिंह बोलीं, नौकरी की राह में रोड़ा बना यूपी का खेल विभाग..

एशियन गेम्‍स 2018 की 3000 मीटर स्‍टीपलचेज इवेंट में सुधा सिंह ने रजत पदक जीता था

खास बातें

  • सुधा ने एशियाई खेलों में स्‍टीपलचेज इवेंट में जीता था रजत
  • यूपी सरकार ने 30 लाख रुऔर नौकरी देने का ऐलान किया था
  • पुरस्‍कार राशि तो मिल गई लेकिन नौकरी के लिए जारी है इंतजार
लखनऊ :

इंडोनेशिया में आयोजित एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली एथलीट सुधा सिंह का यूपी सरकार में नौकरी के लिए इंतजार जारी है. गौरतलब है कि एशियाड में रजत जीतने के बाद यूपी सरकार ने सुधा सिंह को 30 लाख रुपये की पुरस्‍कार राशि और राजपत्रित अधिकारी के तौर पर नौकरी देने का ऐलान किया था. उन्‍होंने बुधवार को कहा कि यदि मैं केवल अपने बारे में सोचूं तो मुंबई में रेलवे डिपार्टमेंट में नौकरी से अच्‍छा कुछ नहीं है लेकिन मैं खेलों में योगदान देना चाहती हूं और इसलिए अपने राज्‍य यूपी के खेल विभाग में नौकरी करना चाहती थी. सुधा ने चुनौतीभरे लहजे में कहा कि यदि नौकरी के लिए मेरे आवेदन में कोई एक सर्टिफिकेट भी मिसिंग हुआ तो मैं नौकरी की मांग करने के लिए माफी मांग लूंगी.  सुधा को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में इनामी राशि का चेक भेंट किया गया.

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सुधा सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के आश्‍वासन के बावजूद उत्तर प्रदेश का खेल विभाग उनकी नौकरी की राह में रोड़ा बना हुआ है. प्रतिष्ठित अर्जुन अवार्ड हासिल कर चुकी सुधा सिंह ने कहा, 'मैंने यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से नौकरी नहीं मांगी थी. उन्‍होंने खुद डीएसपी के पद का ऑफर दिया था. इसके बाद मैंने कहा था कि जीते हुए पदकों को देखते हुए मैं राज्‍य के खेल विभाग में डिप्‍टी डायरेक्‍टर के पदक पर ज्‍वॉइन करना चाहती हूं. मुझे उन पर पूरा विश्‍वास है. इस समय रेलवे डिपार्टमेंट में भी में गैजेटेड पोस्‍ट पर हूं. ' सुधा के अनुसार, नौकरी के लिए यूपी सरकार में उनकी फाइल वर्ष 2014 से ही शासन में घूम रही है.

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गौरतलब है कि एशियन गेम्‍स 2018 की 3000 मीटर स्‍टीपलचेज इवेंट में रजत पदक जीतने वाली सुधा को यूपी सरकार ने जब राजपत्रित अधिकारी की नौकरी देने की घोषणा की थी तो इस एथलीट ने इसे ‘देर आयद, दुरुस्‍त आयद’ करार दिया है. सुधा ने कहा था कि उन्‍हें यह नौकरी बहुत पहले ही मिल जानी चाहिए थी. उत्‍तर प्रदेश के रायबरेली जिले की रहने वाली सुधा ने बताया था कि नौकरी के लिए उनकी फाइल वर्ष 2014 से ही शासन में घूम रही है. उन्‍होंने कहा कि वह एशियाई खेलों में स्‍वर्ण और रजत पदक जीत चुकी हैं, दो बार ओलिंपिक, दो बार वर्ल्‍ड चैम्पियनशिप और चार बार एशियन चैम्पियनशिप में हिस्‍सा ले चुकी हैं. वह अर्जुन पुरस्कार भी पा चुकी हैं. उनके अनुसार वह इस वक्‍त खेल विभाग में उप निदेशक के पद की हकदार हैं. सुधा ने कहा था कि  वह खेल विभाग में ही नौकरी करना चाहती हैं. इसके अलावा वह किसी और महकमे में काम नहीं करेंगी.

 
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