मस्जिद से हिरासत में लिए गए 10 विदेशी उपदेशकों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं

दीघा थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर इन लोगों को जांच के लिए पटना एम्स भेजा गया था पर उनमें कोरोना वायरस का लक्षण नहीं पाए जाने पर उन्हें छोड़ दिया गया.

मस्जिद से हिरासत में लिए गए 10 विदेशी उपदेशकों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  • पटना के दीघा थाना क्षेत्र के कुर्जी मुहल्ला की मस्जिद से लिए गए हिरासत मे
  • 10 विदेशी धार्मिक उपदेशकों की जांच में नहीं वायरस के लक्षण
  • लक्षण नहीं पाए जाने पर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया है.
पटना:

पटना के दीघा थाना क्षेत्र के कुर्जी मुहल्ला स्थित एक मस्जिद से हिरासत में लिए गए 10 विदेशी धार्मिक उपदेशकों की जांच में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए जाने पर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया है. दीघा थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर इन लोगों को जांच के लिए पटना एम्स भेजा गया था पर उनमें कोरोना वायरस का लक्षण नहीं पाए जाने पर उन्हें छोड़ दिया गया. किर्गीस्तान निवासी ये सभी लोग गत 26 जनवरी को ही नई दिल्ली आए थे और पटना के पीरबहोर और फुलवारीशरीफ इलाके में धार्मिक उपदेश देने के बाद सोमवार सुबह कुर्जी मस्जिद पहुंचे थे. 

इन विदेशी नागरिकों के साथ रहबर (गाईड) के तौर पर उत्तरप्रदेश निवासी दो अन्य लोग भी थे. वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य में लोगों के आवागमन पर लागू पाबंदी को देखते हुए जीएसटी का बकाया न चुकाने वालों के बैंक एकाउंट को कुर्क करने के पूर्व के आदेश को राज्य सरकार ने अगले आदेश तक वापस लेने का निर्णय लिया है. 

सुशील ने बताया कि राज्य के 8,033 करदाताओं के खातों के अटैचमेंट का निर्देश बैंकों को दिया गया था. जीएसटी के पूर्व वैट, केन्द्रीय बिक्री कर और प्रवेश कर अधिनियम के अन्तर्गत 375 करोड़ बकाए राशि के लिए 4248 सूचनाएं निर्गत की गई थी जिन्हें फिलहाल अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है.



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