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बिहार : शराबबंदी के मुद्दे पर 11 हजार किमी लंबी मानव श्रृंखला, दो करोड़ से ज़्यादा लोगों ने लिया हिस्‍सा

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बिहार : शराबबंदी के मुद्दे पर 11 हजार किमी लंबी मानव श्रृंखला, दो करोड़ से ज़्यादा लोगों ने लिया हिस्‍सा
पटना:

शराबबंदी के मुद्दे पर बिहार में शनिवार को 2 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने मानव श्रृंखला बनाई. आम लोगों के अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद अध्यक्ष लालू यादव से लेकर सरकार के तमाम बड़े मंत्री और अधिकारी इस मानव श्रृंखला में शामिल हुए. दूसरे दलों के नेताओं ने भी शिरकत की. 11 हज़ार किलोमीटर लंबी इस मानव श्रृंखला का मकसद नशा मुक्त बिहार बनाने को लेकर लोगों को जागरूक करना था. इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए, इससे पता चलता है कि लोग शराबबंदी और नोटबंदी के समर्थक हैं. और मानव श्रृंखला बना कर लोगों ने अपनी भावनाओं को प्रकट किया है.

हाइकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने पांच घंटे तक हाइवे पर यातायात रोकने के आदेश में काफी तब्दीली की है. इस मानव श्रृंखला की तस्वीरें उपग्रहों से भी ली गईं. इस मानव श्रृंखला की शुरुआत ऐतिहासिक गांधी मैदान से अपराह्न् 12.15 बजे हुई, जहां राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव सहित कई नेता और मंत्री शामिल हुए. सीवान में भाजपा के नेता भी इस मानव श्रृंखला में शामिल हुए. राज्य के एक अधिकारी ने बताया कि 11,292 किलोमीटर से ज्यादा लंबी इस मानव श्रृंखला में दो करोड़ से ज्यादा लोगों ने भाग लिया, जो कि एक विश्व रिकॉर्ड है.
 

bihar human chain against prohibition

राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि बिहार सरकार ने मानव श्रृंखला को गिनिज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए एक प्रस्ताव देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि मद्य निषेध अभियान की सफलता के लिए बनाई गई 11292 किलोमीटर से ज्यादा लंबी यह मानव श्रृंखला विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला थी, जिसे 'गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड' में जरूर दर्ज किया जाएगा.
 
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एक अधिकारी के मुताबिक, नशामुक्त बिहार बनाने के उद्देश्य से बनाई गई इस मानव श्रृंखला में 45 मिनट तक लोग एक-दूसरे के हाथ पकड़े शामिल रहे. हालांकि अभी अधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो पाया है, लेकिन एक अनुमान के मुतबिक इसमें 2.11 करोड़ लोग शामिल हुए. मानव श्रृंखला की तस्वीर लेने के लिए तीन उपग्रहों तथा 40 ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया. तीन उपग्रहों में एक विदेशी तथा दो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के थे. इसके अतिरिक्त चार हेलीकॉप्टरों तथा प्रत्येक जिले में ड्रोन के जरिए मानव श्रृंखला की वीडियोग्राफी भी कराई गई.
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बिहार राज्य जद (यू) के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि मानव श्रृंखला के जरिए बिहार न केवल पूरे देश में, बल्कि विदेशों तक नशामुक्ति का संदेश देने में सफल रहा. इस ऐतिहासिक पल में सभी राजनीतिक दलों का भी साथ मिला. बिहार सरकार ने पांच अप्रैल, 2016 को राज्य में शराब पर पाबंदी लगा दी थी.


(इनपुट आईएएनएस से...)



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