लालू के बर्थडे पर बिहार में पोस्टर वॉर, कहीं मना गरीब सम्मान दिवस तो कहीं गिनाई गईं 'अवैध संपत्तियां'

आरजेडी की ओर से लालू को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गई थीं, वहीं जेडीयू की ओर से एक बड़ा सा पोस्टर लगाया गया, जिसमें लालू यादव की कथित रूप से अवैध संपत्तियों की एक लिस्ट जारी की गई थी.

लालू के बर्थडे पर बिहार में पोस्टर वॉर, कहीं मना गरीब सम्मान दिवस तो कहीं गिनाई गईं 'अवैध संपत्तियां'

लालू प्रसाद के जन्मदिन के बीच नीतीश-तेजस्वी के बीच हुआ पोस्टर वॉर.

खास बातें

  • लालू के जन्मदिन पर पोस्टर वॉर
  • JDU ने गिनाईं उनकी 'अवैध संपत्तियां'
  • बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी शुरू
पटना:

बिहार में गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) और विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के बीच में दिलचस्प पोस्टर वॉर दिखा. लालू प्रसाद के 73वें जन्मदिन के मौके पर उनकी पार्टी ने उनके सम्मान में पटना में एक पोस्टर लगाया गया था, जिसके जवाब में जेडीयू की ओर से भी एक पोस्टर लगाया गया. राजधानी पटना में गुरुवार की सुबह आरजेडी की ओर से लालू को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गई थीं, वहीं सत्तारूढ़ जेडीयू कीओर से एक बड़ा सा पोस्टर लगाया गया, जिसमें एक लिस्ट देते हुए दावा किया गया कि ये 73 संपत्तियां पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की ओर से राजनीतिक शक्ति का गलत इस्तेमाल करते हुए हासिल की गई हैं.

जेडीयू की ओर से लगाए गए इस लिस्ट वाले पोस्टर में लिखा गया है, 'राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल करके हासिल की गई संपत्तियों की लिस्ट अभी भी तैयार हो रही है.' इसके साथ ही जेडीयू की ओर से कथित रूप से अवैध संपत्ति के उस मामले की याद दिलाई गई, जिसके चलते कभी साथी और सत्ता के सहभागी रहे जेडीयू और आरजेडी की सरकार तीन साल पहले अलग हो गई थी.

जेडीयू का यह वार लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव के बुधवार को दिए गए उस बयान पर आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो अपने पिता के जन्मदिन को गरीब सम्मान दिवस के रूप मेेंें मनाएंगे. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, उन्होंने कहा था, 'कल हम लालू जी के जन्मदिन पर गरीब सम्मान दिवस मनाएंगे. हम केक काटने या फिर मोमबत्ती जलाने के बजाय गरीबों को खाना खिलाएंगे.' इसके बाद उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था, 'हमें गरीबों, बेरोजगारों और किसानों की चिंता है, जबकि प्रदेश की सरकार को बस चुनावों की चिंता है.'

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बता दें कि इस साल के अक्टूबर-नवंबर तक बिहार में विधानसभा के चुनाव होने हैं. ऐसे में यहां सियासती लड़ाई हर दिन के साथ तेज होती जा रही है. बीजेपी के साथ गठबंधन में बनी जेडीयू की सरकार ने अपना चुनावी प्रचार शुरू भी कर दिया है. गृहमंत्री अमित शाह ने इसी हफ्ते यहां जनसंवाद नाम से एक वर्चुअल रैली संबोधित की थी. हालांकि, प्रवासी मजदूरों का मुद्दा यहां अभी ताजा है, जिसे लेकर विपक्षी पार्टी लगातार नीतीश सरकार पर हमले बोल रही है.

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