पूर्व CM लालू प्रसाद यादव की सजा बढ़ाने के लिए दाखिल CBI की याचिका पर सुनवाई टली

झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश एके गुप्ता और राजेश कुमार की पीठ में यह मामला सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन न्यायाधीश राजेश कुमार के अवकाश पर रहने के चलते मामले में सुनवाई नहीं हो सकी.

पूर्व CM लालू प्रसाद यादव की सजा बढ़ाने के लिए दाखिल CBI की याचिका पर सुनवाई टली

लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

खास बातें

  • पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद सहित छह लोगों की सजा बढ़ाने की मांग
  • एक न्यायाधीश के अवकाश पर रहने से सुनवाई टल गई
  • लालू प्रसाद की ओर से अधिवक्ता प्रभात कुमार व देवर्षि मंडल पेश हुए
रांची:

चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सहित छह लोगों की सजा बढ़ाने की मांग वाली केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की याचिका पर सोमवार को एक न्यायाधीश के अवकाश पर रहने से सुनवाई टल गई. बता दें, झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश एके गुप्ता और राजेश कुमार की पीठ में यह मामला सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन न्यायाधीश राजेश कुमार के अवकाश पर रहने के चलते मामले में सुनवाई नहीं हो सकी. मंगलवार को इस मामले में लालू प्रसाद की ओर से अधिवक्ता प्रभात कुमार व देवर्षि मंडल पेश हुए. वहीं CBI की ओर से लालू प्रसाद व अन्य की सजा को बढ़ाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है.

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दाखिल याचिका में कहा गया है कि देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में CBI की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद, डॉ. आरके राणा, बेक जूलियस, अधीप चंद्र चैधरी, महेश प्रसाद, फूलचंद्र सिंह और सुबीर भट्टाचार्य को साढ़े तीन-तीन साल की सजा सुनाई है, जबकि इसी मामले में जगदीश शर्मा को सात साल की सजा सुनाई गई है. हालांकि सजा पाने वाले सभी लोग ऊंचे पद पर पदस्थापित थे और इन पर उच्चस्तरीय षडयंत्र रचने का आरोप है. ऐसे में जब मामला साबित हो गया है, तो सभी को एक ही तरह की सजा मिलनी चाहिए.

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